अमरोहा। परिषदीय स्कूलों में सोमवार से शुरू हुई डिजिटल हाजिरी का शिक्षकों ने पहले दिन ही जमकर विरोध करते हुए स्कूलों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। विद्यालय समय के बाद शिक्षक कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। वहां विरोध जताते छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
बेसिक स्कूलों में शुरू हुई डिजिटल हाजिरी का शिक्षक विरोध कर रहे हैं। सोमवार को डिजिटल हाजिरी का पहला दिन था। लेकिन उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने नियत कार्यक्रम के तहत विरोध स्वरूप स्कूलों में काली पट्टी बांधकर बच्चों को पढ़ाया। वहीं, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने कलक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विकास चौहान ने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध जारी रहेगा। जब तक शिक्षकों की सभी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक शिक्षक विरोध करते रहेंगे। जिला महामंत्री राजदीप सिंह ने कहा कि शिक्षकों पर डिजिटाइजेशन व ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश अव्यवहारिक है। सुविधाओं के अभाव में यह संभव नहीं है, बरसात के मौसम में दुर्गम स्थानों पर स्थित स्कूलों तक पहुंचने का रास्ता तक नहीं है।
वहीं, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष विकास बांगा के नेतृत्व में स्कूल समय के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक कलक्ट्रेट पर एकत्र हुए। उन्होंने आकस्मिक अवकाश, राज्य कर्मियों की भांति ईएल व पीएल अवकाश, प्रतिकर अवकाश का विकल्प मानव संपदा पोर्टल पर प्रदान किए जाने, ऑनलाइन उपस्थिति की शिथिलता प्रदान करने का विकल्प दिए जाने, पंजिकाओं का डिजिटाइजेशन सर्वर पर लोड से क्रैश होने पर वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने आदि की मांग की।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री मुकेश चौधरी ने डिजिटल हाजिरी का विरोध करते हुए शिक्षकों की अन्य मांगों को भी गंभीरता से लेना चाहिए। कहा कि शिक्षकाें को एक कैलेंडर वर्ष में 14 आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त कर्मचारियों की तरह 31 उपार्जित अवकाश अनुमन्य हो द्वितीय शनिवार का अवकाश, अर्ध आकस्मिक अवकाश देने चाहिए।