अमरोहा। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन जारी है। बृहस्पतिवार को भी शिक्षकों ने सड़कों को प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर अपनी आवाज बुलंद की।
उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन कर अपने विरोध जताया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा। जिलाध्यक्ष सूबे सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया टीईटी की अनिवार्यता का निर्णय शिक्षकों के हित में नहीं है। पहले से ही निर्धारित योग्यता के आधार पर शिक्षक नियुक्त किए गए थे जो वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
अब उनको टीईटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता कराना न केवल अनुचित है बल्कि उनके सेवा अधिकारों व सम्मान के खिलाफ है। चार सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने, केंद्र सरकार द्वारा इस विषय पर स्पष्ट और शिक्षकों के हित में पक्ष रखने व सेवा में कार्यरत शिक्षकों के अनुभव को ही उनकी योग्यता माने जाने की मांग की। मांग पूरी न होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान नरोत्तम सिंह, विरेंद्र सिंह, मुसब्बिर हुसैन, अली वारिश, प्रमोद कुमार, देवेश कुमार आदि मौजूद रहे।