कलक्ट्रेट में एसडीएम चंद्रकांता को ज्ञापन सौंपते एससीएसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदा
अमरोहा। एससी-एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षकों ने सोमवार को कलक्ट्रेट पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों के लिए टीईटी पास होने की अनिवार्यता को समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर चंद्रकांता को सौंपा।
सोमवार को संगठन के जिलाध्यक्ष करतार सिंह के नेतृत्व में शिक्षक कलक्ट्रेट के बाहर इकट्ठा हुए और सुप्रीम कोर्ट के आदेश में टीईटी की अनिवार्यता का विरोध कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे सेवारत शिक्षक जिनकी सेवा पांच वर्ष से अधिक है उनके लिए टीईटी पास करना अनिवार्य है। अपनी सेवा में बने रहने के लिए दो वर्षों में इसे उत्तीर्ण करना होगा जबकि 29 जुलाई 2011 से उत्तर प्रदेश में आरटीई अधिनियम लागू हुआ। उन्होंने 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस प्रावधान से मुक्त रखने की मांग की है।
मांगें पूरी नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेंगे शिक्षक
उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया, जो उचित नहीं है। इसमें कई लाख शिक्षकों की नौकरी संकट में आ गई है। उन्होंने शिक्षकों ने एक आवाज में विरोध किया और सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका दाखिल करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो शिक्षक सड़कों पर उतर कर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगें। इस दौरान प्रकाश सिंह, विनोद गौतम, सुनील कुमार, नीरज, नीलम ओम प्रकाश त्रिपाठी, पूनम, रानी शर्मा, सुषमा रानी, रेखा रानी, नसरीन आदि मौजूद रहे।
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