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ब्रजघाट में प्रशासन के आदेश फेल, गंगा दशहरा पर अमड़ा आस्था का सैलाब

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गजरौला(अमरोहा)। कोरोना के खौफ पर फिर आस्था भारी पड़ी। गंगा दशहरा के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने नियमों को ताक पर रखकर स्नान किया। कोविड-19 की गाइड लाइन के तहत सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए हापुड़ जिला प्रशासन द्वारा गंगा ज्येष्ठ दशहरा पर ब्रजघाट में गंगा में स्नान पर रोक के आदेश फेल हो गए। दूर-दूर तक घाटों पर पांव तक रखने की जगह नजर नहीं आ रही थी। ब्रजघाट में उमड़ी भीड़ के कारण हाईवे पर चार घंटे तक वाहन रेंग-रेंगकर गुजरे।
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रविवार को गंगा ज्येष्ठ दशहरा पर ब्रजघाट में गंगा स्नान पर रोक और वहां घाट पर पांच से अधिक श्रद्धालुओं के नहीं जुटने के आदेश 15 जून को हापुड़ के डीएम द्वारा पारित किए गए थे। इससे लग रहा था कि इस बार गंगा दशहरा पर वहां श्रद्धालु नहीं जुटेंगे। शनिवार की रात तक वहां अधिक भीड़ भी नहीं थी लेकिन रविवार को तड़के से ही वहां श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। गंगा आरती मंदिर पर स्थित मुख्य घाट के साथ ही सभी घाटों पर भारी भीड़ थी। गंगा मैया के जयकारे गूंज रहे थे। हालांकि गंगा का जल स्तर बढ़ा होने के कारण श्रद्धालुओं ने जंजीर पकड़कर बैरीकेडिंग के पीछे ही स्नान किया। यहां बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए।
प्रतिबंध के चलते भीड़ नहीं जुटने की आशंका से ग्रस्त पंडित और पुरोहितों के चेहरे भारी भीड़ को देख खिले हुए नजर आए। वहीं दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान आदि से आए श्रद्धालुओं की भीड़ और उनके वाहनों की वह से हाईवे पर दिल्ली की दिशा में जाम लगना शुरू हो गया। ब्रजघाट में कार पार्किंग स्टैंड पर वाहनों की भीड़ लगने से हाईवे से गुजरने वाले वाहनों के पहिए थम गए। सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक वाहन रेंग-रेंगकर गुजरे।
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