अमरोहा। ताबिश हत्याकांड के बाद बीलना गांव में दूसरे दिन भी गम और गुस्से का माहौल रहा। परिजनों ने पुलिस पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। बोले, हत्याकांड में दोनों के अलावा और भी शामिल हैं। लेकिन, पुलिस दो को जेल भेजकर पल्ला झाड़ रही है। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कर दिया। इस दौरान परिजनों ने हत्या में शामिल सभी आरोपियों को जेल भेजने की मांग की है।
नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के बीलना गांव में किराना व्यापारी महताब के पांच वर्षीय पुत्र ताबिश का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले आरोपियों ने तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने पड़ोसी जैकेट-जिंस कारखाना संचालक समीर और उसके दोस्त अराफात निवासी नई बस्ती फरीदी वाली गली नौगांवा सादात के द्वारा हत्या करने का दावा किया है। पुलिस ने समीर को पिता महताब के शक के आधार पर गिरफ्तार किया था जबकि उसके साथी को मुठभेड़ में गोली मारकर पकड़ लिया था। पड़ोस में रहने वाला समीर ही ताबिश हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। वह कई साल पहले बीलना गांव में आकर बसा था जिसे लेकर गांव में तनाव फैला हुआ है। आरोपी के घर में तोड़फोड़ भी की गई। लिहाजा बीलना गांव हत्याकांड के दूसरे दिन भी गम और गुस्से का माहौल बना रहा। तमाम लोग गुरुवार की सुबह पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे। तभी माहौल गमगीन हो गया। तभी एकत्र लोगों ने पुलिस पर गुमराह करने का आरोप लगाया। पिता महताब ने कहा कि पुलिस ने मुख्य आरोपी समीर को बुधवार की सुबह चार बजे हिरासत में लिया था। इसके बाद करीब छह बजे आरोपियों ने ताबिश के शव को मस्जिद की गुंबद में फेंका था। ऐसे में एक आरोपी अराफात अकेले उसके शव को छत पर ले जाकर नहीं डाल सकता है। इसलिए हत्याकांड में समीर के परिजन भी शामिल हैं। पुलिस गुमराह कर रही है। वह दोनों आरोपियों को जेल भेजकर पल्ला झाड़ रही है। भावुक अल्फाजों में पीड़ित पिता ने कहा कि मेरा बेटा होनहार था उसकी हत्या में जो भी शामिल है सभी सलाखों के पीछे होने चाहिए। दोनों के अलावा हत्या में शामिल समीर के परिजनों को भी जेल भेजा जाए।