देशभर में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूल चलो अभियान तो साफ-सफाई के लिए स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन शासनतंत्र की उदासीनता से ये योजनाएं कागजी खानापूर्ति ही नजर आ रही हैं।
नतीजतन अभी भी सभी स्कूलों में शौचालय नहीं बन पाए हैं और जहां बने भी थे, वे खस्ताहाल हो चुके हैं। इससे ये किसी काम के नहीं हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ने जाने वाली लड़कियां दैनिक क्रियाओं के लिए पर्देदारी का दंश झेलने के लिए मजबूर हैं। वहीं शान के लिए आसमान सिर पर उठा लेने वाला समाज इस पर खामोश है।
विकास खंड गजरौला कार्यालय से आठ किलोमीटर दूर स्थित गांव तिगरी में प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल दोनों हैं। यहां दोनों ही विद्यालयों में पक्के शौचालय बने हुए हैं, लेकिन शौचालय खस्ताहाल हैं। सीट टूटी है और शौचालय गंदगी से अटे हैं।
ऐसे में जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने आने वाली लड़कियों की मुसीबत हो गई है। जिन छात्राओं के घर स्कूल के नजदीक हैं, वे दैनिक क्रिया के लिए घर चली जाती हैं, मगर जिनके घर दूसरे छोर पर हैं, उन्हें अपनी सहेलियों से दुपट्टे की आड़ लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बुधवार को विद्यालय की यही विडंबना नजर आई।
सफाई कर्मियों की नियुक्ति न होना भी समस्या
गजरौला। सरकारी स्कूलों में सफाई कर्मियों की नियुक्ति न होना शौचालयों की बदहाली की बड़ी वजह बन गई है। ग्राम पंचायत के सफाई कर्मियों से ही स्कूलों के शौचालय की साफ सफाई कराई जाती है, लेकिन ग्राम पंचायत के सफाईकर्मी स्कूलों तक नहीं पहुंचते। इससे शौचालयों की साफ सफाई नहीं हो पाती। गंदगी होने से बच्चे शौचालयों में जाने से परहेज करते हैं।
विद्यालयों के शौचालय बदहाल
गजरौला। विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मोहरका पट्टी, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय तिगरी, लठीरा, बावनपुरा, मुबारकपुर खुर्द, शाहपुर, कुदैना चक, प्राथमिक विद्यालय काशीराम कालोनी, आगापुर, सुनपुरा खुर्द, ख्यालीपुर के शौचालयों की हालत खराब है। किसी में दरवाजे नहीं हैं तो किसी की सीट टूटी है और वे गंदगी से अटे हैं।
आंकड़े एक नजर में
ब्लॉक क्षेत्र में कुल विद्यालय -188
प्राथमिक विद्यालय 130
उच्च प्राथमिक विद्यालय 58
बिना शौचालय वाला स्कूल-1(कांशीराम कॉलोनी का विद्यालय)
ब्लॉक क्षेत्र में 188 सरकारी विद्यालय हैं। सभी में शौचालय बने हुए हैं, सिर्फ काशीराम कालोनी के विद्यालय में विवाद के चलते शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है, इसके अलावा जहां शौचालय खराब स्थिति में हैं उन शौचालयों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जल्दी ही खराब शौचालयों की मरम्मत करा दी जाएगी, रही बात साफ सफाई की तो परिषदीय स्कूलों के लिए किसी भी सफाई कर्मी की तैनाती नहीं है। राकेश गौड, एबीएसए, गजरौला।
चौदहवें वित्त आयोग के तहत जो धनराशि प्राप्त हुई है। उससे जिले के डेवलपमेंट का प्लान तैयार किया गया है, जिनमें सभी स्कूलों के खराब शौचालय दुरुस्त कराया जाने का कार्य भी शामिल है। मरम्मत कराई जाएगी, साफ-सफाई के लिए अध्यापकों को अपने स्तर से निर्देशित किया जाएगा। वेद प्रकाश, डीएम