सैदनगली थाना इलाके के गांव झुंडी माफी में दो सगी बहनों के शव उनके ही आम के बाग में पेड़ पर फांसी के फंदे से लटके मिलने के बाद परिजनों द्वारा बताई गई आत्महत्या की कहानी को नकारते हुए पुलिस ने दोनों शवों को गड्ढे से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया था। मंगलवार देर रात पीएम रिपोर्ट में हुई हत्या की पुष्टि के बाद पुलिस ने परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। लेकिन बुधवार देरशाम तक भी परिजन हत्या का राज नहीं उगला। हालांकि ग्रामीण दबी जबान से ऑनर किलिंग की बात कह रहे हैं।
गांव झुंडी माफी निवासी रामप्रसाद की दो बेटियां दयावती (18) व धर्मवती (16) रविवार शाम करीब चार बजे घर से करीब एक किमी की दूरी पर भूसे के बोंगे से भूसा निकालने गईं थी। लेकिन खेत पर दोनों बहनों के शव उनके ही आम के बाग में करीब पंद्रह फीट ऊंचे पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटके मिले थे। परिजनों ने आत्महत्या बताते हुए आनन-फानन में दोनों शवों को नीचे उतारा था और बिना पुलिस को सूचना दिए ही अंतिम संस्कार के लिए ले गए थे।
देर रात तक ग्रामीण पुलिस को यही बताते रहे कि दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। लेकिन दोनों बहनों के एक ही आम के पेड़ की ऊंची डाल पर फांसी पर झूलने की कहानी पुलिस के गले भी नहीं उतरी थी। सोमवार सुबह को पुलिस अधीक्षक डा. एस चनप्पा घटना स्थल पर पहुंचे थे और परिजनों से पूछताछ की थी, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों की चुप्पी से पुलिस के शक की सुई घूमनी शुरू हो गई थी। ग्रामीणों से सख्ती से पूछताछ के बाद मालूम हुआ था शवों को जलाया नहीं, बल्कि दफनाया गया है।
तहसीलदार व एसओ की मौजूदगी में मिट्टी खुदवाकर गंगा की रेती से दोनों शवों को बाहर निकलवाकर पीएम को भेजा गया था। मंगलवार देर रात पीएम रिपोर्ट में गला घोटकर हत्या की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने गांव से मृतक लड़कियों की मां, पिता समेत छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई थी। लेकिन देर रात तक भी परिजन हत्या का राज नहीं उगल पाए। उधर, ग्रामीणों से की गई बातचीत के बाद मामला ऑनर किलिंग की तरफ जा रहा है।
पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद बुधवार को गांव की महिलाओं ने मीडिया कर्मियों से पूछताछ के दौरान बताया कि शनिवार को मृतक एक लड़की अपने गन्ने के खेत में किसी गांव के ही किसी लड़के से बात करती हुई, उसकी भाभी ने देख लिया था। भाभी ने इसी बात पर बवंडर कर दिया और पूरी बात घरवालों से बता दी थी। इसी को लेकर रामप्रसाद व उसके बेटे चंद्रभान ने जान से मारने की धमकी देते हुए दोनों लड़कियों की जमकर पिटाई की थी।