मंडी धनौरा (अमरोहा)। वेव इंडस्ट्रीज आगामी रविवार से गन्ने की पेराई शुरू कर देगी। पेराई सत्र के लिए प्रबंधन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पेराई के लिए गन्ना समिति द्वारा दो व तीन नवंबर के लिए एक लाख क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी कर दिया गया है। इस सत्र में एक करोड़ 75 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है।
किसान संगठन अक्तूबर के तीसरे हफ्ते में चीनी मिल शुरू करने की मांग कर रहे थे। वेव इंडस्ट्रीज के प्रबंधन ने तीन नवंबर से चीनी मिल शुरू करने का फैसला लिया है। पेराई सत्र के लिए मिल प्रबंधन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। वेव इंडस्ट्रीज के गन्ना महाप्रबंधक जगतवीर सिंह ने बताया कि रविवार को पूजन किया जाएगा। उस दिन से पेराई शुरू कर दी जाएगी। पेराई सत्र के लिए 105 बाह्य क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जबकि मिल गेट पर अलग से क्रय केंद्र बनाया गया है। उन्होंने बताया कि दो व तीन नवंबर के लिए एक लाख क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी कर दिया गया है। चार नवंबर के लिए भी 50 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी किया गया है। बीते पेराई सत्र में मिल द्वारा एक करोड़ 42 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी जबकि इस साल एक करोड़ 75 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, दूसरी ओर सहकारी गन्ना समिति के अध्यक्ष ब्रिजेंद्र सिंह ने मिल प्रबंधन से किसानों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए कहा है। करीब 48 हजार किसान चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति करेंगे।
गन्ने में रेड रॉट नामक बीमारी लक्ष्य प्राप्ति में बाधक
मंडी धनौरा। गन्ने में लगी रेड रॉट नामक बीमारी की वजह से गन्ने के उत्पादन पर गहरा प्रभाव पड़ा है। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गन्ना प्रजाति कोजा 0238 की बुवाई की जा रही है। अपने शुरुआती दौर में इस प्रजाति की जबरदस्त पैदावार थी। किसानों ने इस प्रजाति के गन्ने की जमकर बुवाई की, लेकिन चार साल में इस प्रजाति में लाल सड़न रोग यानि रेड राॅट की बीमारी लग गई। रेड रॉट की वजह से पैदावार में काफी अंतर आ गया है। चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक बताते हैं कि रेड रॉट की वजह से उत्पादन कम होना तय है। इसका मिल के लक्ष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।