अमरोहा। चीनी के बढ़ते स्टॉक को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग ने थोक विक्रेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभागीय टीम ने जिले में पांच थोक विक्रेताओं के यहां पहुंचकर चीनी के स्टॉक की जांच की। अधिकारियों ने विक्रेताओं को निर्धारित सीमा के अनुसार ही स्टॉक रखने और अतिरिक्त चीनी का 15 दिन के भीतर निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बाजार में पिछले दो सप्ताह से चीनी के दामों में उछाल आया है। इसका असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। चीनी 65 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इसकी वजह से बाजार में मिठाई भी महंगी हो गईं। दूसरे खाद्य पदार्थों पर भी महंगाई बढ़ी है। इस महंगाई का असर सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं पर दिखाई दे रहा है।
चीनी के बढ़ते दामों को लेकर शासन और प्रशासन ने सख्ती की है। पिछले दिनों डीएम ने निर्देश दिए थे कि 400 टन से अधिक चीनी का भंडारण नहीं किया जाएगा। अगर किसी थोक विक्रेता के यहां पर चीनी का ज्यादा स्टॉक मिला तो कार्रवाई की जाएगी। टीम ने जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर समेत अन्य अभिलेख भी देखे। अधिकारियों का कहना है कि बाजार में चीनी की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
हालांकि सूत्रों की मानें तो बाजार में चीनी की डिमांड कम हो रही है। जिससे आने वाले दिनों में कयास लगाए जा रहे हैं कि चीनी के दामों में कमी आएगी।
जिला विपणन अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि थोक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि अपने यहां पर चीनी के स्टॉक को हर 15 दिन में निकालना जरूरी है। इससे ज्यादा दिन तक नहीं रख सकते। गोदामों का निरीक्षण किया जा रहा है,लेकिन अभी तक किसी गोदाम पर मानक से ज्यादा चीनी नहीं मिली है।