चीनी मिलों की ओर से किसानों को समय पर उनके गन्ने का भुगतान दिए जाने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। होली के मौके पर भी किसानों को उनकी मेहनत की कमाई की रकम नहीं मिल पा रही है। जिससे होली के रंग भी किसानों के लिए फीके हो सकते हैं। वर्तमान में चीनी मिलों पर किसानों के करीब 112.9 करोड़ रुपये बकाया हैं।
जिले की तीन और गैर जनपदों की सात चीनी मिलों समेत कुल 10 मिलें जिले से गन्ने की खरीद करती हैं। शासन के निर्देश हैं कि किसानों को उनसे खरीदे गए गन्ने के भुगतान की रकम 14 दिनों में दी जाए, लेकिन चीन मिले इस आदेश का कितना पालन कर रही हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पांच चीनी मिलों ने एक माह से अधिक का समय बीतने पर भी भुगतान नहीं किया है।
होली की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं, साथ ही बच्चों का शैक्षिक सत्र पूरा होने के बाद उनको अगले सत्र में प्रवेश के लिए किसानों को रुपयों की जरूरत पड़ेगी। लेकिन ऐसे मौके पर भी चीनी मिलें किसानों को उनकी मेहनत की कमाई का भुगतान नहीं कर पा रही हैं। यही वजह है कि दस में से छह शुगर मिलें किसानों का 112.9 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान दबाएं बैठी हैं।
वेव शुगर मिल धनौरा पर सबसे अधिक बकाया
मंडी धनौरा की वेव शुगर मिल किसानों को उनका बकाया गन्ना भुगतान करने में सबसे अधिक फिसड्डी है। 113.77 लाख क्विंटल गन्ने की खरीदकर जिले में सबसे अव्वल यह मिल भुगतान में सबसे पीछे है। इस शुगर मिल ने 29 जनवरी तक का ही किसानों को भुगतान किया है। साथ ही फिलहाल 61.97 करोड़ रुपया किसानों का अभी भी बकाया है।
किस मिल पर कितना बकाया
मिल - बकाया - कब तक का भुगतान किया
मंडी धनौरा - 61.97 - 29 जनवरी
गजरौला-हसनपुर- 8.99 - 28 जनवरी
असमौली - 00.68 - 20 फरवरी
अगवानपुर - 21.33 - 24 जनवरी
बेलवाड़ा - 10.61 - 20 जनवरी
करीम गंज - 9.32 - 21 जनवरी
नोट: आंकड़े गन्ना विभाग के अनुसार। बकाया करोड़ रुपये में।
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सभी शुगर मिलों को निर्धारित 14 दिनों में किसानों का गन्ना भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। पहले भी समय से भुगतान न करने पर शुगर मिलों को नोटिस जारी किया गया था। भुगतान में लापरवाही करने वाली शुगर मिलों को फिर से नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। मनोज कुमार, डीसीओ
क्रय केंद्रों पर अनियमितता मिलने पर नौ मिलों पर 2.01 लाख का जुर्माना
अमरोहा। डीएम के निर्देश पर क्रय केंद्रों के निरीक्षण अभियान में कई केंद्रों पर अनियमितता मिली। जिसके बाद डीएम की ओर से चीनी मिलों पर जुर्माने की कार्रवाई हुई है।
डीएम के अनुसार करीमगंज चीनी मिल के शहबाजपुर डोर क्रय केंद्र पर कांटा सील का प्रमाण न मिलने पर 12 हजार रुपये, बेलवाड़ा के पीलाकुंड क्रय केंद्र पर घटतौली मिलने पर 25 हजार रुपये, जबकि पायती कलां में मानक बांट प्रमाणपत्र न मिलने पर 12 हजार रुपये समेत दीवान शुगर के युसूफपुर व बुडेरना, बेलबाड़ा के हुसैनपुर व रहमापुर खालसा, करीमगंज के शहबाजपुर डोर, हसनपुर के पीपला दाउद, मिलक नारायणपुर के अटेरना द्वितीय, धनौरा के इब्राहीमपुर, चंदनपुर के दढि़याल व मिल गेट व असमोली के तोफापुर मे क्रय केंद्रों पर अनियमितता मिलने पर सहायक चीनी आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर कुल 2.01 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा डीसीओ मनोज कुमार के निरीक्षण में त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर के फय्याजनगर क्रय केंद्र पर तैनात तौल लिपिक के पास एक अवैध डिवाइस मिली, जोकि अवैध तौल के काम आ रही थी। रिपोर्ट के आधार पर तौल लिपिक प्रमोद पांडेय का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।