प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग का महत्वपूर्ण स्थान है। इसको देखते हुए जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए सरकार ने समाज कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की शुरुआत की थी, जिसमें युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार कोचिंग दी जाती है। जिले में हाशमी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में अभ्युदय योजना के तहत कोचिंग सेंटर का संचालन किया जाता है। बड़े शहरों में जाने के बजाय तैयारी करने वाले युवा अपने शहर में ही कोचिंग सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
इसके लिए विभाग द्वारा तैयारी कराए जाने के लिए प्रशिक्षकों की तैनाती की जाती है। जिसके लिए शासन की ओर से विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए है। अब यूपीएससी की परीक्षा देने वाले युवाओं को ही प्रशिक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा। शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शासन के आदेश पर यहां सिविल सेवा के साथ ही जिले के शिक्षित युवाओं को सिविल सेवा के साथ, नीट और जेईई की तैयारी कराई जाएगी।
शासन की ओर से नवीन सत्र में प्रशिक्षक के लिए गाइड लाइन जारी कर दी गई है। इसके तहत कम से कम यूपीएससी की प्री परीक्षा पास करने वाले युवाओं को ही प्रशिक्षक के रूप में तैनाती दी जाएगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुरी जैन ने बताया कि शासन से मिलने वाले दिशा निर्देशों के तहत ही प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी।