यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन ने ट्रांसपोर्ट बिल के विरोध समेत कई मांगों को लेकर बसों का संचालन बंद कर हड़ताल की। यूनियन के चालक और परिचालक हड़ताल पर बैठे। रोडवेज बसों की हड़ताल के चलते मुसाफिरों को बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा। वे पूरे दिन हलकान रहे। इस दौरान डग्गामार वाहनों और प्राइवेट बसों की चांदी रही।
पूर्व कार्यक्रम के मुताबिक यूनियन के सभी चालक और परिचालक बसों का संचालन रोक कर हड़ताल पर बैठ गए। हड़ताल पर बैठे चालक और परिचालकों ने कहा कि सरकार संसद में ट्रांसपोर्ट बिल पेश करने की तैयारी कर रही है। यह बिल चालक और परिचालकों के लिए काला कानून होगा।
बिल पास हो जाने पर हादसे के बाद चालक और परिचालक के खिलाफ सात साल की सजा या तीन लाख के जुर्माने का प्रावधान होगा। दसवीं पास चालक और परिचालकों के लाइसेंस दिए जाएंगे। बाकी के लाइसेंसों का नवीनीकरण किया जाएगा। इस बिल के पास हो जाने से प्रदेश में बीस लाख परिचालक बेरोजगार हो जाएंगे। किसी भी कीमत पर इस काले कानून को पास नहीं होने दिया जाएगा। हड़ताल में सभी पदाधिकारी शामिल हुए।