अमरोहा। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के कार्य बहिष्कार के ऐलान से प्रशासन चौकन्ना है। उसने बिजली निगम के रिटायर कर्मियों-इंजीनियर की सेवा लेने की योजना तैयार की है। पॉलिटेक्निक और आईटीआई के स्टाफ को सब स्टेशन में तैनात रखने का निर्देश दिया है ताकि टेक्निकल समस्या को फौरन दुरुस्त किया जा सके। पूर्व सैनिक भी सब स्टेशन में सुरक्षा व्यवस्था को देखेंगे। गुलड़िया सब स्टेशन पर अफसरों का खास फोकस है। इसके अलावा कुछ जगहों पर लेेेखपालों की ड्यूटी आवंटित की गई है। इंजीनियर और कर्मचारी भी कार्य बहिष्कार के फैसले पर अड़े हैं।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के फैसले के प्रस्ताव पर बिजली कर्मचारी विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि इससे समस्या सुधरेगी नहीं बल्कि और उलझेगी। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने रविवार को ऐलान किया है कि निजीकरण के प्रस्ताव का आखिरी दम तक विरोध करेंगे। वहीं, हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन सजग हो गया है। डीएम उमेश मिश्र ने सभी एसडीएम को निर्देश दिया है। इसके तहत सब स्टेशन की निगरानी आईटीआई और पॉलिटेक्निक के स्टाफ के जिम्मे रहेगी। इसके अलावा बिजली निगम के रिटायर इंजीनियर और कर्मचारी की सेवाएं ली जा रही हैं जिन्हें पेशन मिल रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम शशांक चौधरी ने बताया कि सब स्टेशन में ड्यूटी लगा दी गई है। रिटायर इंजीनियर और कर्मचारियों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। पॉलिटेक्निक और आईटीआई के स्टाफ भी सब स्टेशन में मौजूद रहेंगे। इन लोगों से बिजली की टेक्निकल खराबी को दूर कराया जाना है।
बिजली घर में एकत्र होकर जताएंगे विरोध
अमरोहा। बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कार्य बहिष्कार के एलान को दोहराया है। पदाधिकारियों ने कहा है कि दिन में 10 बजे से कलेक्ट्रेट बिजली घर में एकत्र होंगे। यहां पर जिले के विभिन्न जगहों पर कार्यरत इंजीनियर और कर्मचारी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
रिटायर बिजली इंजीनियर और कर्मचारियों की सूची तैयार हो गई है। इन लोगों से जरूरी सेवाओं को कराया जाना है। पॉलिटेक्निक और आईटीआई के स्टॉफ भी सब स्टेशन में रहेंगे। - शशांक चौधरी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम