बदलते मौसम में लोग तेजी से टायफाइड से पीड़ित हो रहे हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी पर रोजाना 50 से ज्यादा लोग टायफाइड की जांच कराने पहुंच रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में टायफाइड की जांच की सुविधा ही ठप हो गई है।
जिले में टायफाइड ने तेजी से पैर पसारे हैं। इसकी तस्दीक जिला अस्पताल और सीएचसी के वार्ड कर रहे हैं।
जहां रोजाना पांच से दस लोगों को टायफाइड की समस्या के चलते भर्ती किया जा रहा है। सीएचसी पर रोजाना 25 से 30 लोगों की टायफाइड की जांच की जा रही है, लगभग इतने ही लोग जिला अस्पताल पर भी जांच कराने पहुंच रहे हैं। आंकड़े बता रहे हैं कि जांच के बाद आधे लागों में टायफाइड की पुष्टि भी हो रही है। इन हालातों में जिला अस्पताल पर हफ्तेभर से टायफाइड की जांच के लिए जरूरी डिवाइस उपलब्ध नहीं है। इसके चलते यहां जांच कराने आने वाले 20 से 25 मरीज बाहर से जांच कराने को मजबूर हैं। इसके चलते प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर के संचालकों की चांदी हो गई है।
सोमवार को जिला अस्पताल में टायफाइड की जांच कराने आए मरीजों की शहर के एक प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर पर भीड़ देखी गई। जानकारी करने पर पता चला कि हफ्तेभर से टायफाइड की जांच नहीं हो रही है। मजबूरी में 200 से 250 रुपये खर्च करके जांच करानी पड़ रही है। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि टायफाइड की जांच करने के लिए डिवाइस नहीं हैं। डिमांड भेजी है जल्द ही डिवाइस मिल जाएंगी। फिर पहले की तरह जांचें की जाएंगी।