अमरोहा। लोक लेखा समिति के सभापति/विधायक महबूब अली ने ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग की है। कहा है कि छह महीने का विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रशासक नामित करने का फैसला गलत है। पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर करने की साजिश है। सरकार के इस फैसले से स्वराज की परिकल्पना कमजोर हो सकती है। बिजली निगम के कार्यशैली पर सवाल उठाया। कहा कि नलकूप के कनेक्शन नहीं हो रहे हैं।
वह रविवार को आजाद रोड स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों का 25 दिसंबर को कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में इन लोगों के कार्यकाल को विस्तार दिया जा रहा है। छह महीने तक कार्यकाल बढ़ाएं। इसके पहले भी प्रदेश सरकारों ने ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को बढ़ा चुकी हैं। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था को मजबूती के लिए संविधान ने जोर दिया है। ऐसे में उनकी जगह प्रशासक नामित करना गलत है। सरकार को फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली का दावा कर रही है लेकिन किसान अपने नलकूप के कनेक्शन के लिए परेशान है। उसे नलकूप के कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर में कई धार्मिक स्थलों का सुंदरीकरण कराया जा रहा है। शाह विलायत और वासुदेव तीर्थ स्थल पर मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराएंगे ताकि जायरीन और तीर्थयात्रियों को सहूलियत मिले।