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Amroha News: जल्द मशीनों से होगी वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण की जांच

Wed, 05 Mar 2025 12:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। वाहनों की फिटनेस कराने में अब फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। जल्द ही वाहनों की फिटनेस और प्रदूषण की जांच ऑटोमेटिक मशीनों से की जाएगी। जिससे दलालों का खेल खत्म हो जाएगा। ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर स्थापित करने के लिए तीन लोगों ने आवेदन किया था, जिसमें एक को स्वीकृति मिल गई है।
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वर्तमान में वाहनों की फिटनेस की जांच परिवहन विभाग के आरआई टैक्निकल मैनुअल तरीके से करते हैं। जिसमें काफी समय लगता है। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए शासन ने जिले में निजी सेक्टर के माध्यम से स्वचलित परीक्षण सेंटर (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) खोलने के निर्देश दिए थे। अमरोहा के तीन व्यक्तियों ने स्वचलित परीक्षण सेंटर के लिए परिवहन विभाग के मुख्यालय में आवेदन किया था। जिनकी जांच अमरोहा एआरटीओ के पास पहंची, लेकिन मानक पूरे न होने पर दो आवेदन निरस्त हो गए। जबकि एक कंपनी का आवेदन सही पाए जाने पर ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन लगाने की अनुमति मिल गई है। यह ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन नौगांवा सादात रोड पर बनेंगा। ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन बनने के बाद वाहन चालकों को भी काफी सहूलियत मिलेगी।

नई मोटरयान नीति में मशीनों से फिटनेस की अहम भूमिका
केंद्र सरकार की नई मोटरयान नीति की स्क्रैप पॉलिसी में इस नए फिटनेस सेंटर की भूमिका अहम होगी। इस पॉलिसी के तहत 15 से 20 साल पूरी कर चुके निजी वाहनों का दोबारा पंजीकरण फिटनेस के आधार पर बढ़ाने का प्रावधान है। यानी गाड़ी चकाचक है तो निजी वाहनों को कंडम होने से बचाया जा सकता है। फिटनेस का मैनुअली सर्टिफिकेट तो जुगाड़ से लिया जा सकता है, लेकिन मशीनों से फिटनेस चेक करने पर गड़बड़ी नहीं हो पाएगी।
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ऑटोमेटिक मशीन से फिटनेस कराने के फायदे
- कबाड़ वाहनों को मशीन नहीं देगी फिटनेस सर्टिफिकेट
- वाहनों की जांच में मानव हस्तक्षेप नहीं होगा, मशीनों से होगी जांच
- फिटनेस के साथ-साथ प्रदूषण की भी जांच होगी
- ट्रक, बस, ट्रैवलर, ऑटो, टैक्सी सहित अन्य वाहनों की होगी जांच
- इस टेस्टिंग में वाहन के सभी टेक्निकल पहलुओं पर गौर किया जाता है
- वाहन में किसी तरह की कमी बचने की आशंका नहीं रहती है


कहीं भी करा सकते हैं जांच
ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) मानवीय हस्तक्षेप के बिना वाहनों की फिटनेस की जांच करने का एक केंद्र है। देश भर में किसी भी एटीएस में अपने वाहनों की जांच करवा सकते हैं और उनसे फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रमाणपत्र पूरे भारत में मान्य है। एक अक्तूबर 2024 से सभी वाणिज्यिक वाहनों के लिए केवल एटीएस से ही उनका फिटनेस टेस्ट पूरा कराना अनिवार्य है।

मुख्यालय में अमरोहा के तीन व्यक्तियों ने एटीएस स्थापित करने के लिए आवेदन किए थे। जिनकी जांच एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों द्वारा कराई गई, जिसमें दो आवेदन पर्याप्त जमीन नहीं होने और लोकेशन सही नहीं मिलने के कारण निरस्त कर दिए। वहीं एक को अनुमति मिल गई है, जल्द ही कार्य पूरा होने के बाद मशीनों से फिटनेस शुरू हो जाएगी। किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा।-हरिओम सैनी, आरआई टेक्निकल
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