गजरौला मंडी समिति में आरएफसी के गोदाम में रखा गेहूं।
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जिले में गेहूं की खरीद की रफ्तार इतनी धीमी है कि अभी तक क्रय केंद्रों के गोदाम तक नहीं भर पाए है। क्रय केंद्रों पर बोरों की किल्लत बनी हुई है। वहीं ट्रांसपोर्ट की भी दिक्कत हो रही है। अधिकांश क्रय केंद्रों के खुद के गोदाम होने और खरीद कम होने से बारिश में गेहूं सुरक्षित हैं। अभी तक जिले में 11.35 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है। जबकि लक्ष्य 27 हजार 800 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है।
जनपद में शासन ने 27 हजार 800 सौ मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए प्रशासन ने जिले के अंदर 63 गेहूं क्रय केंद्र बनाए हैं। अभी तक क्रय केंद्र पर अव्यवस्थाओं को बोलबाला है। कहीं पर काटे की समस्या है तो कहीं पर बारदाने की परेशानी आ रही है। विभाग के क्रय केंद्र को अपना-अपना लक्ष्य सौंपा गया है। लेकिन गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी है। एक अप्रैल से चल रहे क्रय केंद्रों पर 11.35 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई है। अभी भी केंद्रों पर बोरों की किल्लत बनी हुई है। जहां गेहूं खरीदकर रखे गए हैं। ट्रांसपोर्ट की दिक्कत के चलते वहां से गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कई कई केंद्रों पर गेहूं की खरीद बंद है। अधिकारियों ने मंडी समिति के टीन शेड में सुरक्षित समझकर गेहूं को रखा है। लेकिन, अगर तेज हवा के साथ बारिश हुई तो पानी की फुहारों से गेहूं भीग जाऐगा। हालांकि मौसम को देखते हुए सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को अलर्ट जारी कर दिया है।