अमरोहा। दूषित पानी को लेकर आखिरकार जिम्मेदारों की नींद खुल गई है। नगर विकास विभाग के डायरेक्टर की फटकार के बाद नगर पालिका ईओ के निर्देशन में मंगलवार को छह टीमाें ने शहर भर में पानी की शुद्धता की जांच की। करीब 35 स्थान से पानी के नमूने लिए। इनमें से छह सैंपल जांच के लिए नोएडा टेस्टिंग लेबोरेटरी के लिए भेजे गए हैं। पानी को शुद्ध करने के लिए नगर पालिका के 22 नलकूपों पर लगे क्लोरीन डोजर की क्षमता बढ़ाएगी। नगर पालिका की इस कवायद के बाद शहर वासियों को शुद्ध पानी मिलने की आस जगी है।
इंदौर में जहरीला पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई जबकि कुछ लोगों का इलाज चल रहा है। यह समस्या सिर्फ इंदौर की नहीं है। अमरोहा जिले में भी पानी पीने योग्य नहीं है। जिले में सबसे ज्यादा पानी की स्थिति खराब अमरोहा और गजरौला क्षेत्र में खराब है। अमरोहा जिले का टीडीएस 300 से 500 के पार तक पहुंच गया है। इसका मुख्य कारण अमरोहा में कॉटन वेस्ट और गजरौला में फैक्टरी से निकल रहे केमिकल युक्त पानी को माना गया है।
सबसे ज्यादा अमरोहा व गजरौला के पानी का टीडीएस 500 से लेकर 700 तक पहुंच चुका है। यानि नल से सीधे पानी पीने का मतलब बीमारियों की सौगात है। जोया का 450, नौगांवा सादात का 300, धनौरा का 300 व हसनपुर के पानी का टीडीएस 350 के करीब है। इसी दूषित पानी को लेकर गजरौला में किसान आंदोलन कर रहे हैं। अमर उजाला ने चार जनवरी के अंक में अमरोहा में पीने लायक नहीं, गजरौला में भी ट्यूबवेल उगल रहे दूषित पानी शीर्षक से खबर को प्रमुखता से छापा था। जिसका संज्ञान शासन में बैठे अधिकारियों ने लिया। मंगलवार को नगर विकास विभाग के डायरेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अमरोहा-संभल-लखनऊ समेत आठ जिलों के ईओ को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद अमरोहा नगर पालिका ईओ डॉ. बृजेश सिंह के नेतृत्व में छह टीमों ने पानी की शुद्धता जांची और विभिन्न 35 स्थानों से पानी के नमूने लिए हैं।
मंगलवार को छह टीमाें ने शहर भर में पानी की शुद्धता की जांच की है। कई स्थानों पर टीडीएस 150 से 300 के पार आया है। अधिक टीडीएस वाले करीब 35 स्थान से पानी के नमूने लिए गए हैं। इनमें से छह सैंपल जांच के लिए नोएडा टेस्टिंग लेबोरेटरी के लिए भेजे गए हैं। शहर में पानी को शुद्ध करने के लिए नगर पालिका के 22 नलकूपों पर लगे क्लोरीन डोजर की छमता बढ़ाएगी।-डॉ. बृजेश सिंह, ईओ अमरोहा नगर पालिका