अमरोहा। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का पहला चरण चल रहा है। इसके तहत बीएलओ चार दिसंबर तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र देते हुए उनको भरवा कर वापस लेंगे। पुनरीक्षण अभियान में प्रपत्र भरने के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रशासन भी लोगों को लगातार जागरूक कर रहा है। डीएम ने कहा कि एसआईआर के लिए आधार व इपिक नंबर देना वैकल्पिक है लेकिन जरूरी नहीं है।
चार नवंबर से प्रदेश में केंद्रीय चुनाव आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत जिले के 1488 बूथों पर इतने ही बीएलओ को लगाया गया है। चुनाव आयोग द्वारा भी एसआईआर की लगातार निगरानी की जा रही है। डीएम निधि गुप्ता वत्स भी लगातार बूथों का निरीक्षण की अभियान की प्रगति को परख रहीं हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रकिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदाता अपना गणना प्रपत्र भरकर संबंधित बीएलओ के पास जमा करा दें। ताकि उनका मताधिकार सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का एक से अधिक स्थान पर मतदाता सूची में नाम दर्ज है, तो उसे एक से अधिक गणना प्रपत्र प्राप्त होंगे लेकिन ऐसे मतदाताओं को एक ही स्थान (सामान्य निवास स्थल) से अपना गणना प्रपत्र (एन्युमेरेशन फॉर्म) भरकर जमा करना है। यदि मतदाता एक से अधिक स्थान से गणना प्रपत्र भरकर देता है, तो यह कानूनन अपराध है और ऐसे मतदाता के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के अंतर्गत कार्रवाई की हो सकती है, जिसमें एक साल की जेल की सजा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि मतदाता 2003 की वोटर लिस्ट से माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी आदि में किसी एक का ब्योरा भरकर गणना फार्म जमा कराना होगा।
उन्होंने बताया कि गणना प्रपत्र में माता-पिता का नाम, मोबाइल नंबर व नवीनतम फोटो लगाना जरूरी है। आधार व इपिक नंबर देना वैकल्पिक है, लेकिन जरूरी नही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गणना प्रपत्र भरकर जमा न करने पर केवल वोट का अधिकार प्रभावित होगा, नागरिकता के अधिकार पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।