अमरोहा। नगर पालिका परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाएगा। इस पर पालिका करीब छह करोड़ खर्च करेगी जबकि कैलसा बाईपास रोड स्थित मोहल्ला पंडकी में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराने की तैयारी है। यह 0.0240 हेक्टेयर जमीन में करीब पांच करोड़ की लागत से बनेगी।
इसके अलावा दुर्गुपुर में पालिका की जमीन पर बरातघर का निर्माण होगा। इसके लिए पालिका ने 3.67 करोड़ का बजट तैयार किया है। पालिका के तीनों प्रोजेक्ट लोगों के लिए बड़ी सहूलिया देंगे। ग्रामीण इलाके में बनने वाले इस बरातघर से जरूरतमंदों फायदा होगा।
अमरोहा शहर स्मार्ट सिटी में शामिल हो गया है। साल 2025 में शहर को स्वच्छ, सुंदर बनाने के साथ महानगरों की तर्ज पर स्मार्ट शहर बनाने की कवायद ही जा रही है। इसके लिए गांधी मूर्ति चौराहे का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। रज्जाकपुर चौराहे के सौंदर्यीकरण के साथ भव्य द्वार बनाने की तैयारी है। पालिका ने नई आबादी में बने 12 पार्कों का सौंदर्यीकरण कराने की कवायद की है। इसके अलावा पालिका में शामिल नई आबादी को शहर की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सड़क, बिजली, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था कराई जानी है। शहर में डिजाइनर स्ट्रीट लाइट लगाना तय किया था। बिजनौर और आजाद रोड़ डिजाइनर स्ट्रीट लाइट से जगमगा रहा है।
ईओ डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि मोहल्ला दानिशमंदान में निकट कोट चौराहा स्थित नगर पालिका में कार्यालय भवन व शॉपिंग कॉम्पलेक्स निर्माण कराने की योजना तैयार की है। कैलसा बाईपास रोड पर मोहल्ला पंडकी में पालिका की भूमि पर डिजिटल लाइब्रेरी निर्माण कराएगी। दुर्गपुर मकनपुर में पालिका भूमि पर बरातघर निर्माण कराया जाएगा। मोहल्ला मीरा सराय स्थित मालीखेड़ा स्टेडियम में डॉरमेट्री बनाने का कार्य होगा।
बदावाला में बनेगा फूड स्ट्रीट हब
मोहल्ला नाजरपुर में प्राइमरी स्कूल के पास पालिका भूमि पर खेल सुविधाओं के लिए बहुउद्देश्य स्पोर्ट सेंटर का निर्माण कराने की तैयारी है। वहीं सेफ सिटी अंतर्गत नगर पालिका के विभिन्न स्थानों सीसीटीवी कैमरे लगाने व नियंत्रण कक्ष की स्थापना कराया जाएगा। पालिका के विभिन्न पार्कों में ओपन जिम स्थापित कराई जाएंगी। मोहल्ला बदावाला में शेल्टर होम के पास फूड स्ट्रीट हब बनाया जाएगा। नगर पालिका परिसर में स्मार्ट रिकॉर्ड रूम (फॉर स्टोरेज ऑफ डाक्यूमेंट्स एंड डिजिटाइजेशन ऑफ रिकॉर्ड्स) की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा नगर पालिका की सेवाओं और शिकायत के निवारण के लिए मोबाइल वेन शुरू की जाएगी। ईओ के मुताबिक इन सभी कार्यों पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगी। कार्ययोजना तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।