लंबे समय से बंद स्लाटर हाउस चालू नहीं होने पर मीट विक्रेताआें का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने नगर पालिका परिषद कार्यालय में पहुंचकर हंगामा किया। कक्ष में घुसे मीट विक्रेताआें के तेवर देखकर ईओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने सबको बाहर निकलवाया और फिर वह भी उनके बीच पहुंचे।
यहां कारोबारियों ने उनको घेर लिया। धक्का-मुक्की कर हाय-हाय के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। तब ईओ द्वारा पुलिस बुलाने की बात सुनते ही विक्रेताआें के तेवर नरम पड़ गए। बाद में उन्होंने ईओ को ज्ञापन सौंपकर हाईकोर्ट के आदेश पर अमल करने की मांग की है।
प्रदेश सरकार ने जब से अवैध बूचड़खाने बंद कराए हैं, तब से मीट विक्रेताआें में गुस्सा है। गुरुवार को भारी संख्या में ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश के कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष खालिद अख्तर कुरैशी के नेतृत्व में पालिका में जमा हुए। शोर मचाते हुए ईओ के कक्ष में घुसकर हंगामा करने लगे।
ईओ ने कक्ष से उनको बाहर जाने को कहा। गुस्साए विक्रेता बाहर आकर नारेबाजी व प्रदर्शन करने लगे। शोर शराबे पर ईओ भी कक्ष से बाहर आ गए, जिस पर विक्रेताआें ने उनको घेरते हुए धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
इसे देखते ही अन्य कर्मचारी दंग रह गए। ईओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने पुलिस को बुलाने के लिए जैसे ही कहा वैसे ही कारोबारी शांत पड़ गए। तत्पश्चात उन्होंने ईओ को ज्ञापन सौंपा, जिसमें हाईकोर्ट के आदेेश पर अमल करने और शीघ्र ही स्लाटर हाउस को शुरू कराने की मांग की।
ईओ ने नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद विक्रेता वापस चले गए। इस दौरान आसिफ कुरैशी, आसिम कुरैशी, नवेद अयाज कुरैशी, नदीम कुरैशी, शहाबउद्दीन कुरैशी, फरमान कुरैशी, अखलाक कुरैशी, इरफान कुरैशी, जावेद कुरैशी, कसीम कुरैशी, इमरान कुरैशी आदि थे। ईओ मनोज रस्तोगी ने बताया कि मामले में कार्रवाई चल रही है। गाजियाबाद की टीम आधुनिकीकरण के सर्वे को आई थी। उसके हिसाब से ही अगला कदम उठाया जाएगा।