अमरोहा। सहकारी गन्ना विकास समिति की बैठक में आयोजित हुई प्रबंध कमेटी की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में नाबार्ड योजना में किसानों को ऋण की सुविधा दिये जाने के लिए आगामी तीन वर्षों के लिए ऋण सीमा स्वीकृत कराए जाने को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
समिति के सभागार में आयोजित हुई बैठक में पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि के बाद माह जनवरी 2025 से जून 2025 तक समिति मे हुए खर्चों का अवलोकन कर स्वीकृति प्रदान की गई। इसके बाद पेराई सत्र 2024-25 में बनाए गए नए व वारिस सदस्यों का अनुमोदन किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि समिति के इन्क्वारी टर्मिनल से सूचना समिति सदस्य कृषकों द्वारा सर्वे व सट्टा के संबंध में कोई जानकारी मांगी जाती है तो उसे नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी।
किसान द्वारा यदि हार्ड कॉपी मांगी जाती है तो समिति की प्रबंध कमेटी द्वारा निर्धारित शुल्क के अनुसार उसे हार्ड कॉपी भी नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए प्रति पृष्ठ पांच रुपये शुल्क निर्धारित किया गया। इसके अलावा मृतक समिति सदस्यों का हिस्सा उनके वारिस सदस्यों को स्थानांतरित कराए जाने, समिति के गोदामों पर उपलब्ध समस्त कीटनाशकों की सैंपलिंग श्रीराम इंस्टीट्यूट में कराए जाने के निर्देश व समिति द्वारा विनियोजित कराई जाने वाली एफडीआर को नियमानुसार अधिक ब्याज देने वाली राष्ट्रीयकृत में ही कराए जाने के कड़े निर्देश दिए गए। अध्यक्षता गन्ना समिति अध्यक्ष कमल सिंह व संचालन सचिव प्रभारी जितेंद्र कुमार ने किया। बैठक में बुद्धि सिंह, सतीश कुमार, चंद्रवीर सिंह, भंवर प्रकाश, नेमवती देवी, रेखा रानी, रचना, कपिल कुमार, योगेश्वर सिंह, बदन सिंह, हरपाल सिंह संचालक आदि उपस्थित रहे।