अमरोहा। 13 वर्ष पुराने नकली नोट मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत ने हसनपुर के गांव पिपलौती खुर्द निवासी याद अली को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया है। फैसला आने के बाद जमानत पर चल रहा आरोपी जेल भेज दिया गया।
मामला 28 जुलाई 2013 का है, जब टीपी नगर चौराहे के पास पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर याद अली को पकड़कर उसके पास से 500-500 रुपये के आठ नकली नोट बरामद किए थे। पूछताछ में उसने दिल्ली के बटला हाउस से नकली नोट खरीदने की बात स्वीकार की थी। उसने दिल्ली के बटला हाउस क्षेत्र से 40 हजार रुपये के नकली नोट मात्र 14 हजार रुपये में खरीदे थे और उनमें से अधिकांश नोट चला चुका था।
पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर याद अली को न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव गर्ग ने प्रभावी पैरवी की।
सोमवार को अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कहा कि नकली नोटों का प्रचलन देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है और यह पूरे राष्ट्र के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी याद अली को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।