अमरोहा। हाशमी ग्रुप के चेयरमैन और उनके परिवार को लॉरेंस विश्नोई के नाम से जान से मारने की धमकी देने और दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में साइबर थाना पुलिस खाली हाथ है। सात दिन बाद भी धमकी देने वाले को पकड़ना तो दूर उसका सुराग भी नहीं लगा सका है। पुलिस ने जांच चलने की बात कही है।
उधर, धमकी के बाद से डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी का परिवार दहशत में है। धमकी देने वाले आरोपी के नंबर पर कॉल तो जा रही है लेकिन उसे रिसीव नहीं किया जा रहा जबकि उसी नंबर पर व्हाट्सएप कॉल नहीं लग पा रही है। करीब एक महीने पहले क्रिकेटर मोहम्मद शमी को धमकी के मामले में भी पुलिस की कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी है। इस मामले में भी साइबर टीम धमकी देने वाले की लोकेशन तक नहीं पता कर सकी थी।
अमरोहा के मोहल्ला काजीजादा के रहने वाले हाशमी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी और उनके भाइयों के फोन पर 30 जुलाई को पुर्तगाल देश के नंबर 351920058923 से कॉल आई थी लेकिन उनका फोन नहीं उठा। इसके बाद उसी नंबर से डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी के बेटे डॉ. बुरहानुद्दीन हाशमी के नंबर पर कॉल की गई। इसके थोड़ी देर बाद उसी नंबर से व्हाट्सएप पर धमकी भरे संदेश भेजे गए जिसमें दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। रुपये अदा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी गई है।
धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से रोहित गोदारा का छोटा भाई राहुल बताया था। इस मामले में पुलिस ने डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी के बेटे डॉ. बुरहानुद्दीन हाशमी की तहरीर पर मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धमकी और जबरन वसूली करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी और उनके परिवार की सुरक्षा में पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।
हवाला के जरिये मांगी गई थी रकम
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के रोहित गोदारा का छोटा भाई बनकर धमकी देने वाले राहुल ने शनिवार के दोपहर दो बजे फोन करके पैसा कहां भिजवाना है यह बताने की बात कही थी। सभी पैसा हवाला के जरिये मांगा था लेकिन इसके बाद से उसकी कॉल नहीं आई। उनके व्हाट्सएप पर कॉल नहीं लग रही है। पुलिस ने व्हाट्सएप मुख्यालय से कुछ जानकारी मांगी है। इस बीच हाशमी गर्ल्स पीजी कॉलेज के आसपास कुछ संदिग्ध देखे गए जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। पुलिस उनकी भी पता नहीं लगा सकी है। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि धमकी से जुड़ी जानकारी जुटाए जा रही है। टीमें काम कर रही हैं। अभी कोई पुख्ता क्लू नहीं मिला है।