स्टांप के वादों का निस्तारण कर कमी लाने के लिए फिर से समाधान योजना की शुरुआत की गई है। इससे वादकारियों व पक्षकारों के समय व धन की बचत के साथ स्टांप देयों की वसूली से सरकारी राजस्व में वृद्धि भी होगी। स्टांप कमी में दोषी पाए गए लोग 10 गुना तक अर्थदंड अदा किए बिना ही मात्र स्टांप कमी की रकम जमा करके मुकदमे व अर्थदंड से छुटकारा पा सकते हैं। एआईजी स्टांप ने बताया कि इसके लिए केवल नियमानुसार देय ब्याज के साथ मात्र 100 रुपये का टोकन अर्थदंड देना होगा। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ पाने के लिए डीएम, एडीएम, एआईजी की कोर्ट तथा अपीलीय अदालतों में लंबित अपील और निगरानी वादों में पीठासीन अधिकारी को आवेदन देना होगा।
एक माह में हुआ 50 वादों का निस्तारण
समाधान योजना लागू होने के बाद वादों के निस्तारण में तेजी आई है। एआईजी स्टांप दीनानाथ वर्मा ने बताया कि जनवरी माह में डीएम कोर्ट में चार वादों का निस्तारण कर 23.43 लाख, एडीएम वित्त व राजस्व की कोर्ट में 30 वादों का निस्तारण कर 16.22 लाख व एआईजी कोर्ट में 16 वादों का निस्तारण कर 5.49 लाख रुपये समेत कुल 45.14 लाख रुपये का स्टांप शुल्क मय ब्याज के जमा कराया गया है। उन्होंने बताया कि कुल लंबित 261 वादों के सापेक्ष 50 वादों का निस्तारण होने के समाधान के लिए 16 आवेदन और मिले हैं। जिसके बाद शेष वादों की संख्या 195 रह जाएगी।