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ऋण का सदुपयोग कर रोजगार स्थापित करें लाभार्थी: डीएम

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डीएम बालकृष्ण त्रिपाठी ने 72 लाख के ऋण स्वीकृत प्रमाण पत्र लाभार्थियों को वितरित करते हुए कहा कि ऋण जिस काम के लिए दिया जा रहा है, उसमें ही काम आना चाहिए। ऋण का सदुपयोग कर रोजगार स्थापित करें।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सूक्ष्म एवं लघु उद्योग विभाग द्वारा चलाई जा रही सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित ऑन लाइन ऋण वितरण किया गया।
इसके अतंर्गत मिशन रोजगार, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) और अन्य योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सम्मिलित किया गया। बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) में जिलाधिकारी ने 72 लाख के ऋण स्वीकृत प्रमाण पत्र लाभार्थियों को वितरित किया। जिसमें उपायुक्त उद्योग विभाग द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, माटी कला रोजगार योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत प्रमाण पत्र दिया गया। इनमें संजना देवी, ज्योति देवी को मधुमक्खी पालन के लिए दो-दो लाख, चौहान को सीमेंर्ट इंट के लिए 10 लाख रुपये, ब्रह्म स्वरूप सिंह को माटी कला उद्योग के लिए 2 लाख, ताहिर को आइसक्रीम उद्योग के लिए 21 लाख रुपये, लवकुश को मधुमक्खी पालन के लिए 10 लाख रुपये समेत 47 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत पत्र दिए गए।
जिला ग्रामोद्योग कार्यालय द्वारा अनुज गिल को रेडीमेड गारमेंट के लिए 10 लाख रुपये, दीपक कुमार को मधुमक्खी पालन के लिए 10 लाख रुपये, शाने आलम को ऑटो मोबाइल रिपेयर के लिए 5 लाख समेत कुल 72 लाख के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि जिस योजना में ऋण दिया गया है, ऋण उसमें ही प्रयोग किया जाए। कहा कि अगर पूरी मेहनत और ईमानदारी से कार्य करेंगे तो अवश्य ही रोजगार स्थापित कर अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकेंगे, जो ऋण दिया जा रहा है, उसका सदुपयोग किया जाए न कि दुरुपयोग। इस ऋण का सदुपयोग करेंगे तो अवश्य ही अपने और अपने परिवार, रिश्तेदारों की भी मदद कर सकते हैं और अच्छा पैसा कमा सकेंगे। इस दौरान अपर जिलाधिकारी भगवान शरण, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी उपायुक्त उद्योग आदि मौजूद रहे।
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