अमरोहा। सामुदायिक शौचालय के निर्माण की गुणवत्ता की असलियत पड़ताल के दौरान सामने आ गई। पूरनपुर और डिडौली के शौचालय के ईंट की गुणवत्ता खराब मिली। निर्माण में लगाई जा रही बालू और सीमेंट का अनुपात भी सही नहीं मिला। दीवार में हाथ से रगड़ने पर बालू हाथ में आ गया। इस पर डीएम उमेश मिश्र ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। साथ ही एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को अवगत कराने को कहा। ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने को कहा। भुगतान पर रोक लगा दी।
जिलाधिकारी उमेश मिश्र गुरुवार को पूरनपुर में सामुदायिक शौचालय के निर्माण की गुणवत्ता को परखने पहुंचे। निर्माण सामग्री में मिट्टी और बालू का अनुपात बहुत कम मिला। जबकि ईंट की गुणवत्ता भी सही नहीं थी। टाइल्स की भी क्वालिटी खराब मिली। दरवाजे में लोहे की पतली चादर का प्रयोग किया गया था। दीवार के प्लास्टर पर हाथ रगड़ने पर बालू नीचे गिरने लगा। इससे नाराज डीएम उमेश मिश्र ने सेक्रेटरी भोपाल सिंह तोमर को निलंबित करने का निर्देश दिया। साथ ही एडीओ पंचायत राजेंद्र सिंह पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने को कहा है। जांच कमेटी गठित कर दी। इसके अलावा डीडीओ/प्रभारी बीडीओ प्रदीप यादव को शौचालय की जांच कराने के लिए निर्देश दिए। इसके बाद वह डिडौली में सामुदायिक शौचालय को देखा। यहा भी निर्माण की क्वालिटी सही नहीं मिली। उन्होंने ईंट की क्वालिटी को परखा। इसके अलावा निर्माण सामग्री को जांचा।