अमरोहा। जिले की 504 ग्राम पंचायतों में धनराशि आहरण की जांच कराई गई। अब तक 380 ग्राम पंचायतों में नियमानुसार धनराशि निकालने की पुष्टि हुई है। शेष 124 ग्राम पंचायतों की जांच चल रही है। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासकों को जिम्मेदारी दी गई थी। नए विकास कार्यों के लिए डीएम की अनुमति अनिवार्य की गई थी। इसके बावजूद कई ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों और ग्राम प्रशासकों ने बिना अनुमति लाखों रुपये खर्च कर दिए। ई-स्वराज पोर्टल से मामला सामने आने पर एक ग्राम पंचायत सचिव समेत सात प्रशासकों पर कार्रवाई हो चुकी है।
डीपीआरओ नितिन कुमार ने 78 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर 504 ग्राम पंचायतों में धनराशि आहरण की जांच कराई। अब तक जांची गई 380 ग्राम पंचायतों में कोई अनियमितता नहीं मिली है। शेष 124 की जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
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ग्राम पंचायतों से धनराशि निकाली गई
अमरोहा। जिले के छह ब्लॉकों की 66 ग्राम पंचायतों में दो-दो लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाने का मामला सामने आया है। सभी पंचायतों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। मई से अगस्त तक के आंकड़ों में अमरोहा की 14, हसनपुर की सात, धनौरा की पांच, गजरौला की आठ, गंगेश्वरी की 20 और जोया की 13 ग्राम पंचायतों में दो लाख से अधिक खर्च मिला।
अमरोहा ब्लॉक की 105 पंचायतों को पंचम वित्त से 95.65 लाख रुपये मिले, जिसमें 93.76 लाख और राज्य वित्त के 19.81 लाख में 19.57 लाख खर्च हुए। हसनपुर की 87 पंचायतों को पंचम वित्त से 68.38 लाख मिले, जिसमें 63.27 लाख और राज्य वित्त के 13.11 लाख में 9.12 लाख खर्च हुए।
धनौरा की 89 पंचायतों में पंचम वित्त के 41.63 लाख में 40.75 लाख और राज्य वित्त के 2.93 लाख खर्च हुए। गजरौला की 84 पंचायतों को पंचम वित्त के 81.71 लाख में 80.61 लाख और राज्य वित्त के 13.70 लाख में 13.59 लाख खर्च हुए।
गंगेश्वरी की 87 पंचायतों को 11.46 लाख में 10.66 लाख और जोया की 124 पंचायतों को 11.30 लाख में 11.13 लाख खर्च किए गए। मामले में 78 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस जारी हुए थे। डीपीआरओ नितिन कुमार ने बताया कि 380 ग्राम पंचायतों में नियमानुसार धनराशि का आहरण किया गया।
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