अमरोहा। जिले में संचालित हो रहे उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) की शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा विज्ञान विषय में डिजिटल लिटरेसी और कोडिंग की भी शिक्षा दी जाएगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस बार विज्ञान की किताब के अंतिम भाग में कंप्यूटर के चैप्टर के स्थान पर यह विस्तृत पाठ्यक्रम जोड़ा गया है। इससे बच्चों को एआई सहित अन्य विषयों के बारे में जानकारी होगी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को आधुनिक ज्ञान देने के लिए पहले से ही डिजिटल क्लास बनाए गए हैं। जहां पर बच्चों को एलसीडी और अन्य तकनीकी संसाधनों के माध्यम से उन्हें यह शिक्षा दी जाएगी। फिलहाल विभागीय अधिकारियों का दावा है कि एआई के विकास के बारे में तो पढ़ाई होने से बच्चों के जीवन में बदलाव देखने को मिलेंगे।
इन विषयों के बारे में दी जाएगी शिक्षा
कक्षा छह में कंप्यूटर, माइक्रोसॉफ्ट पेंट, माइक्रोसाफ्ट वर्ड, स्क्रैच, पाइथन और एआई का अध्याय शामिल किया गया है। कक्षा सात में कंप्यूटर एवं इंटरनेट, माइक्रोसाॅफ्ट वर्ड का प्रयोग, माइक्रोसाॅफ्ट एक्सेल, तार्किक सोच, कोडिंग, पाइथन टोकन्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को जोड़ा गया है। कक्षा आठ में विज्ञान विषय में विद्यार्थी नेटवर्किंग और साइबर सुरक्षा, माइक्रोसाॅफ्ट वर्ड, माइक्रोसाॅफ्ट एक्सेल, कोडिंग, पाइथन में यूजर इनपुट के साथ-साथ डेटा और एआई के बारे में पढ़ाया जाएगा।
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पाठ्यक्रम में बदलाव से बदलेगी बच्चों की जिंदगी
परिषदीय स्कूलों के बच्चे भी प्राइवेट स्कूलों के बच्चों की तरह भविष्य उज्ज्वल कर सकें, इसके लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। बच्चों को डिजिटल क्लास में पढ़ाने के अलावा उन्हें तमाम तरह के कौशल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। बच्चो को जो भी काम अच्छा लगता है, उन्हें उसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एआई का विषय जुड़ जाने के बाद निश्चित तौर पर बच्चों में अच्छे परिवर्तन देखने को मिलेंगे।
नई शिक्षा नीति को लेकर पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव किए गए हैं। एआई का चैप्टर भी जोड़ा गया है। बच्चे इससे काफी कुछ सीखेंगे। बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
- मोनिका, बीएसए