संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी भी अब छात्रवृत्ति योजना का लाभ ले सकेंगे। रविवार को सीएम ने संस्कृत विद्यार्थियों के लिए संस्कृत छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की है। गजरौला के संस्कृत विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सीएम के संबोधन को लाइव सुना। छात्रवृत्ति की राशि मिलते ही विद्यार्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शुरुआत में 199 बच्चों खातों में छात्रवृत्ति की राशि पहुंची है।
संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्कृत छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की है। योजना के तहत संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी योजना का लाभ पा सकेंगे। प्रथमा (कक्षा छह से आठ) से लेकर आचार्य (परास्नातक) तक योजना का लाभ मिल सकेगा। छात्रवृत्ति की राशि सालभर में दो किश्तों में मिलेगी। कक्षा छह व सात के लिए 50 रुपये प्रतिमाह व कक्षा आठ के लिए 75 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। जबकि पूर्व मध्यमा (कक्षा नौ व दस) के लिए सौ रुपये प्रति माह, उत्तर मध्यमा ( कक्षा 10 व 11) के लिए 150 रुपये प्रतिमाह, शास्त्री (स्नातक) के लिए 200 रुपये प्रतिमाह व आचार्य (परास्नातक) के लिए 250 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दिए जाने का निर्धारण किया गया।
रविवार को मुख्यमंत्री ने वाराणसी के लिए काशी विश्वविद्यालय से योजना की शुरुआत की। अमरोहा के तीन संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थी योजना से लाभांवित हो सकेंगे। गजरौला के संस्कृत विद्यालय में आयोजित हुए कार्यक्रम में बच्चों ने मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन को भी सुना। राजकीय इंटर कॉलेज अमरोहा के प्रधानाचार्य ललित कुमार ने बताया कि शुरू में 199 बच्चों को योजना का लाभ मिला है। जैसे की बाकी बच्चों की ई-केवाईसी पूरी होगी, उनके खाते में भी राशि दे दी जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए विधायक राजीव तरारा ने कहा कि संस्कृत प्राचीनतम भाषा है। सरकार इसको बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह, राजकीय इंटर कॉलेज धनौरा उर्फ मुरादनगर के प्रधानाचार्य सतीश कुमार, संस्कृत विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रवीणिका पांडेय आदि मौजूद रहे। संचालन साहित्य प्रभाकर ने किया।