यह मामला आदमपुर के गांव बहादरपुर मजरा का है। गांव निवासी नरेश कुमार और हीरा लाल के बीच लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा है। रविवार दोपहर करीब एक बजे जमीन पर अपना हक जताने को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले दोनों में कहासुनी हुई और बाद में मारपीट हो गई। लाठी-डंडे भी चलने लगे। विवाद की सूचना पर दरोगा भूदेव सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन, देखते ही देखते दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के बीच दरोगा और अन्य पुलिसकर्मियों को भागकर जान बचानी पड़ी। वहीं, पत्थर लगने से दरोगा भी चोटिल हो गए।
विवाद बढ़ने पर थाने से अतिरिक्त पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। इस बीच विवाद में एक पक्ष नरेश कुमार, सुनील कुमार, दीपक, राजीव, जावित्री और अनुराधा और दूसरे पक्ष से हीरालाल गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें रहरा सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, दरोगा का भी सीएचसी में इलाज कराया गया। सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कि विवाद करने वाले दोनों पक्षों से 18 को नामजद करते हुए 24 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इन लोगों पर हुआ मुकदमा
विवाद में दरोगा भूदेव सिंह की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें हीरा लाल, भोता रानी, पूनम, इंद्रपाल, रोहताश, कुंवर पाल, नेमचंद, गिरीश चंद, रामवीर सिंह, सत्यवीर, नरेश कुमार, उसकी पत्नी अनुराधा, पुत्र दीपक, राजीव कुमार, जावित्री, दीपक, सुनील, रोहन शामिल हैं। जबकि, छह अज्ञात हैं।
बार-बार समझाने पर भी नहीं माने आरोपी
विवाद की सूचना पर दरोगा भूदेव सिंह पीआरवी टीम के साथ गांव पहुंच थे। दरोगा ने बताया कि विवाद कर रहे लोगों को कई बार समझाया, लेकिन नहीं माने। पथराव शुरू कर दिया गया। जिस मार्ग पर पथराव हो रहा था, उसके दोनों ओर भीड़ जमा थी। ऐसे में पुलिस भी घिर गई। किसी तरह भागकर जान बचानी पड़ी। वहीं, जब अतिरिक्त पुलिस बल वहां पहुंचा तो आरोपी भीड़ का फायदा उठाते हुए भाग गए।
पुलिस से की गई थी जमीन के संबंध में शिकायत
आदमपुर। गांव निवासी नरेश कुमार ने बीते सोमवार को 12 से ज्यादा ग्रामीणों के साथ मिलकर थाने गेट पर प्रदर्शन किया था। उसने दूसरे पर जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया था। कार्रवाई नहीं होने पर डीएम से भी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शनिवार को भी समाधान दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन, पुलिस ने इस मामले में न तो संज्ञान लिया और न ही दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराते हुए समाधान कराने का प्रयास किया। जिसके चलते मामला पथराव तक पहुंच गया।