अमरोहा। अन्य पिछड़ा वर्ग के इंटर के 1,947 विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति का डाटा संदिग्ध है। इन लोगों को छात्रवृत्ति मिलने की उम्मीद कम हो गई है। दरअसल, छात्र-छात्राओं के आय और जाति प्रमाण पत्र का राजस्व परिषद के पोर्टल पर मिलान नहीं हो पा रहा है। निदेशालय ने विद्यार्थियों की सूची लॉगिन पर भेजी है। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने डीआईओएस से पात्रता की जांच के लिए कहा है।
प्रदेश सरकार की छात्रवृत्ति के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों ने फॉर्म भरा हैं। इसमें 75 प्रतिशत की उपस्थिति, आय और जाति प्रमाण पत्र वेबसाइट पर अपलोड होना जरुरी है। इसके अलावा हाईस्कूल के अंक प्रमाण पत्र में दर्ज नाम, पिता के नाम के स्पेलिंग में भिन्नता नहीं हो। निदेशालय स्तर पर मास्टर डाटा तैयार करने के दौरान मामला पकड़ में आया। इसके बाद निदेशक की ओर से 1,947 विद्यार्थियों के नामों की सूची को जिले के लॉगिन आईडी पर भेजा गया है। सीडीओ चंद्रशेखर शुक्ल के निर्देश पर पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने डीआईओएस को पत्र भेजा है। उन्होंने पात्रता की जांच कर कार्यालय में सूची उपलब्ध कराने के निर्देेश दिए हैं। दरअसल, इन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति मिलने की उम्मीद कम हो गई है। पात्रता की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेेगी। संवाद