हसनपुर। तहसील क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने और तटीय इलाकों में तेज कटान से हालात गंभीर बने हुए हैं। सतेड़ा एतमाली गांव का श्मशान घाट गंगा की तेज लहरों के कटाव में पूरी तरह समा गया है। इससे ग्रामीणों के सामने अंतिम संस्कार के लिए जगह का संकट खड़ा हो गया है।
दियावली, सतेड़ा एतमाली, धोरिया बिड़ला, गंगाचोली, गंगानगर, जल्लोपुर, सिरसा गुर्जर, मेहरपुर, बिरामपुर और मुबारिजपुर समेत 20 से अधिक गांवों की हजारों बीघा कृषि भूमि पहले ही बाढ़ के पानी में डूबी है। खेतों में पानी भरने से पशुओं के हरे चारे का संकट भी गहरा गया है। पशुपालक चारे की व्यवस्था के लिए परेशान हैं।
श्मशान घाट के गंगा में समा जाने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित स्थान नहीं बचा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से समस्या के जल्द समाधान की मांग की है। एसडीएम हिमांशु उपाध्याय ने बताया कि गंगा के जलस्तर और कटान पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से गहरे पानी में जाकर खेतों में काम न करने की अपील की।