समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व प्रोफेसर रामगोपाल यादव को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला सुनाते ही जनपद के कार्यकर्ता सन्न रह गए।
उनके इस निर्णय पर हर कोई कहने को मजबूर हो गया कि कुनबे में आखिर चल क्या रहा है। किसका साथ दिया जाए। सीएम का या फिर सपा का। इसी को लेकर कार्यकर्ताओं में बेचैनी है। पार्टी से ज्यादा कार्यकर्ता सीएम को तवज्जो दे रहे हैं। उनकी बात को ही सही ठहरा रहे हैं। कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं, जो यहां हैं टीवी से चिपके रहे।
देर शाम जैसे ही सपा मुखिया द्वारा सीएम व राष्ट्रीय महासचिव का पार्टी से निष्कासन कर देने की खबर जनपद के कार्यकर्ताओं को मिली वैसे ही हड़कंप मच गया। हरेक की निगाहें समाजवादी परिवार में प्रदेश स्तर पर चल रही उठक पटक पर घूम गईं। दोनों कद्दावर नेताओं को पार्टी से निकालने से समर्थकों में मायूसी छा गई। एकदम चेहरे उदास हो गए और हर किसी की जुबां पर कुनबे के ही चर्चे शुरू हो गए। क्यों दोनों को निकाला गया, यही सवाल हरेक की जुबां पर बना हुआ था।
पार्टी के इस निर्णय को प्रत्येक समर्थक गलत ठहरा रहा था। बहरहाल सबसे ज्यादा कार्यकर्ता ही दुविधा में पड़े है। उनके चहेते नेता सीएम हैं, लेकिन पार्टी को छोड़ें या फिर चहेते नेता संग जाए यही सवाल उनको उलझन में डाले हुए हैं। अचानक सपा मुखिया के इस निर्णय से हर कोई अवाक है। बहरहाल प्रदेश स्तर पर चल रही खींचतान में स्थानीय कार्यकर्ता पूरी तरह झुलस रहे हैं।