मांगे पूरी न होने पर तीन दिन से लगातार सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैँ। जिससे कस्बे में सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गई हैं। गंदगी के अंबार लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीएफ भुगतान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ की ओर से तीन दिन से तहसील पर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। तहसील में चल रहे धरने में प्रदेश महामंत्री महेश कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को वर्ष 2019 से 2023 तक पीएफ का पैसा नहीं दिया गया है। कई बार इसको लेकर अधिकारियों से कह चुके हैं मगर उनकी मांग को अनसुना कर दिया जाता है। उनका ठेकेदार आदित्य, शमीम पर करीब साढ़े तेरह लाख-साढ़े तेरह लाख, आरिफ ठेकेदार पर चार लाख, जनवरी 2013 से अब तक के ठेकेदार पर करीब पचास हजार की रकम शेष है। मगर उनको भुगतान नहीं किया जा रहा है।
नई भर्ती शुरू नहीं की गई है और न ही संविदा पर नए सफाई कर्मचारियों की तैैनाती की जा रही है। जिससे वर्तमान सफाई कर्मचारियों से मानक से अधिक काम लिया जा रहा है। पीएफ दिलाने समेत अन्य मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिसके चलते कस्बे की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। जगह-जगह गंदगी के अंबार लगने लगे हैं। गंदगी से उठती दुर्गंध से लोगों का सास लेना दुर्भश्र हो रहा है। प्रदर्शन करने वालो में मुख्य रूप से आकाश, अमन, अमित, सुमित, दीपक, सूरज, रोहित, पवन, दिनेश, करन, संदीप, मुकुल, मोनू, संजय आदि मौजूद रहे।