चतुर्थ श्री शिव शक्ति दस कुंडीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ में महामंडलेश्वर जलेश्वर नंद गिरि महाराज ने विश्व कल्याण के लिए आहुतियां प्रदान कराईं। उन्होंने कहा कि रूद्र महायज्ञ में रोजाना 21 हजार व दुर्गा सप्तसती महायज्ञ में एक हजार आहुतियां प्रदान की जाएंगी। दिव्य मंत्र और आहुतियों से आसपास का क्षेत्र भी धन्य हो गया है। 11 दिन तक लगातार चलने वाले महायज्ञ में तीन लाख से अधिक आहुतियां प्रदान की जाएंगी।
नागपाल इंटरनेशनल स्कूल में महा यज्ञ के लिए 64 योगिनी, भगवती, शंकर, नवग्रह, वास्तु, क्षेत्रपाल पीठ बनाई गई हैं। इसके अलावा योनि कुंड, चंद्र कुंड, त्रिकोण कुंड, वृत्त कुंड, षटकोण कुंड, पदम कुंड, मध्य चतुष्कोण कुंड बनाए गए हैं। देश के अलग-अलग हिस्से से आए 21 यज्ञ ब्रह्मा पहले दुर्गा सप्तसती महायज्ञ में पूर्व सांसद देवेंद्र नागपाल और उनकी पत्नी पूर्व पालिकाध्यक्ष अंशु नागपाल, वेदपाल सिंह ने आहुतियां प्रदान कीं। इसमें 21 हजार आहुतियां छोड़ी।
इसके बाद महारूद्र महायज्ञ किया गया। जिसमें एक हजार आहुतियां प्रदान की गईं। महामंडलेश्वर ने आह्वान किया कि लोगों को आकर मंत्रों का उच्चारण सुनना चाहिए। शाम को भव्य गंगा आरती की गई। जिसमें लोगों की भीड़ उमड़ी।