दोषी को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है। मामला गजरौला का है। यहां के एक मोहल्ले में मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले जुबिलेंट कंपनी के एक कर्मचारी का परिवार रहता था। पड़ोस में गाजीपुर का ही धनंजय कुमार परिवार के साथ किराए पर रहता था।
धनंजय कुमार दो बच्चों का पिता भी है। बड़े भाई की मौत की सूचना मिलने पर कर्मचारी अपनी पत्नी को साथ लेकर 26 फरवरी 2013 को गाजीपुर चला गया था और 11 मार्च को गजरौला वापस आया था। घर पर उसकी 21 वर्षीय बेटी, जो कि बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और 14 वर्षीय बेटा अकेले थे। वापस लौटने पर मां-बाप ने देखा कि बेटी उदास सी रहने लगी है और किसी से बात भी नहीं करती।
एक जून को जब मां-बाप ने बेटी से इस संबंध में बात की, तो उसने धनंजय कुमार की ओर से दुष्कर्म की बात बताई। नौकरी लगवाने के नाम पर धनंजय ने छात्रा के साथ कई बार दुष्कर्म किया था। पुलिस ने दुष्कर्म मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद धनंजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
शनिवार को एफटीसी प्रथम के न्यायाधीश एडीजे अखिलेश दुबे ने मामले की सुनवाई की और धनंजय कुमार पर दोष सिद्ध करते हुए उसे सात वर्ष की कैद और 29 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने में से आधी रकम पीड़िता को देने के आदेश दिए। दोषी को पुलिस कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।