फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रूबी हत्याकांड : पचोकरा गांव में साढ़े छह घंटे, दहशत, गुस्सा और गम का रहा माहौल

Thu, 05 Feb 2026 02:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
विज्ञापन
अमरोहा देहात के पचोकरा मेहरबान अली में महिला की हत्या के बाद घर की छतों पर तैनात पुलिस । संवाद
विज्ञापन
अमरोहा। पचोकरा मेहरबान अली में रूबी की हत्या के बाद के साढ़े छह घंटे गांव में गम, गुस्सा और दहशत का माहौल रहा। डर ऐसा की वाल्मीकि समाज के अन्य परिवारों के लोग भी घर छोड़कर भाग गए। गुस्साई भीड़ आरोपी धीरज को अपने कब्जे में लिए जाने की जिद पर अड़ी रही। पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के समझाने के बाद भी भीड़ नहीं मानी और हंगामा करते रहे। हर कोई पुलिस द्वारा धीरज को थाने ले जाने का इंतजार कर रहा था, उनका इरादा सिर्फ धीरज को सबक सिखाना था। रूबी की हत्या की खबर जिसे मिली वह मौके की तरफ दौड़ पड़ा।
विज्ञापन

शाम तक रिश्तेदारों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भीड़ को बढ़ती देखकर पुलिस अधिकारियों की सांस फूल गई। अफसरों को किसी बड़ी अनहोनी का डर सता रहा था। रूबी के रिश्तेदारों की भीड़ बढ़ता देख एसपी अमित कुमार आनंद ने भी अतिरिक्त फोर्स बुला ली। थोड़ी देर देखते ही देखते गांव छावनी में तब्दील हो गया। एसपी अमित कुमार आनंद के अलावा एएसपी अखिलेश भदोरिया, सीओ अवधभान भदोरिया, सीओ सिटी अभिषेक यादव के अलावा गजरौला, रजबपुर, नौगांवा सादात, डिडौली और अमरोहा शहर के थाना प्रभारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को भी बुलाया गया। रूबी के शव के पास महिलाएं बिलखती रहीं। परिजनों के मुताबिक रूबी का मायका मुरादाबाद के मेहलकपुर का है। रूबी की बड़ी बहन राजेश्वरी भी उसके जेठ धर्मवीर को ब्याही है। मुरादाबाद में सिर से मां का साया उठने के बाद राजेश्वरी ने ही रूबी को लाड़-प्यार से पाला था। वह अपनी बहन रूबी को खुश देख सकेगी, इसलिए उन्होंने अपने देवर नरेंद्र सिंह के साथ शादी कराई थी। रूबी की मौत के बाद राजेश्वरी का भी रो-रो कर बुरा हाल है। रूबी के बेटे लवीश, नकुल और बेटी नैना गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। दिनदहाड़े रूबी की हत्या के बाद उस दावत के कार्यक्रम में भी मातम पसर गया, जहां वह खाना खाकर घर लौट रही थी। गुस्साई भीड़ ने आसपास के घरों पर चढ़कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की और आरोपी के परिजनों ने हमसाज होने का आरोप लगाया। इस दौरान पीड़ित परिवार के लोगों ने रूबी के बच्चों की परवरिश के लिए आर्थिक मदद की मांग की और मौके पर डीएम को बुलाने की जिद पर अड़ गए। हालांकि, बाद में डीएम के निर्देश पर डिप्टी कलक्टर चंद्रकांता मौके पर पहुंचीं और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें