अमरोहा/कैलसा। बीस साल पहले देहात क्षेत्र के हसनपुर कचिया गांव में गांगन नदी के क्षतिग्रस्त पुल की सुध अब तक कोई जनप्रतिनिधि नहीं ले सका है। करीब पचास गांवाें को जोड़ने वाला यह पुल पूरी तरह खस्ताहाल हालत में है। आलम यह है कि इस पुल में लगी सरिया भी अब बाहर आ गई हैं जोकि हादसों का कारण बन रही हैं।
देहात क्षेत्र के हसनपुर कचिया में करीब बीस साल पहले गांगन नदी पर पुल बनाया गया था। जिसकी हालत अब बद से बदतर हो चुकी है। वाहन तो दूर पुल पर पैदल चलना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल बना हुआ है। जबकि यह पुल क्षेत्र के 50 गांवों को जोड़ने के साथ-साथ अमरोहा और मुरादाबाद जनपद को जोड़ता है। बरसात के दिनों में गांगन नदी में पानी का बहाव अधिक होने के कारण पुल पर पानी उतराने लगता है। जिससे कई गांवों का संपर्क कट जाता है। आलम यह है कि पुल में लगाई गईं सरिया भी बाहर निकल आई हैं। ऐसे में वहां से गुजरने वाले वाहनों के लिए खतरा बना रहता है।
क्षतिग्रस्त पुल दो लोगों की मौत का कारण बन चुका है। इसके बाद भी स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन भी इस पुल के निर्माण को लेकर उदासीन बने हुए हैं। बीते साल बरसात में पुल पर पानी आने के कारण पार करते समय ड्योढी वाजिदपुर निवासी सूर्य प्रताप पुत्र शिव कुमार (16) व ग्राम नजराना निवासी राधेश्याम पुत्र शेर सिंह की डूबकर मौत हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी इस पुल के निर्माण को लेकर कोई सुध नहीं ली गई। ग्रामीणों ने बताया कि पुल का निर्माण जिला पंचायत द्वारा कराया गया था। बनाए जाने के बाद पुल की मरम्मत आज तक नहीं हुई है।
हसनपुर कचिया में बना यह क्षतिग्रस्त पुल नन्हेड़ा, दबका, खेमपुर, हसनपुर कचिया, मलपुर, नजराना, चंंगेरी, बैरमपुर, मंडैयो, फत्तेहपुर, भीकनपुर, अगवानपुर, मोढ़ातेईया, फलेदा, हकीमपुर, छजलैट की मंडैयो, मुंडाला, छजुपुरा, सदरपुर, पचोकरा, कैच की पुलिया, चक्कालीलेट, मानकजूड़ी, देवीपुरा समेत 50 गांवों को यह पुल जोड़ता है। जिससे रोजाना बड़ी तादाद में लोग इस पुल से होकर गुजरते हैं।