क्षेत्र के गांव आदमपुर खास के पास यगद नदी पर अवैध कब्जा कर निर्माण कराए जाने के खिलाफ बुधवार करीब 13 गांवों के किसानों ने शिव मंदिर पर महापंचायत कर हुंकार भरी। इसमें शिकयत किए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने पर रोष जताते हुए आंदोलन रणनीति बनाई गई। साथ ही मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर सात दिन में अवैध कब्जे नहीं हटाए जाने पर हसनपुर-गवां मार्ग पर जाम लगाने का अल्टीमेटम दिया गया।
महापंचायत में आदमपुर खास के ग्रामीणों ने कहा कि गांव के समीप से यगद नदी बहती है। नदी पर बने करीब 60 मीटर लंबे पुल में 23 पोल लगे हुए थे। पुल बने हुए करीब 30 वर्ष हो गए। यहां प्रत्येक मंगलवार को पैठ बाजार भी लगता है।
आरोप है कि गांव के ही कुछ लोग सत्तापक्ष से जुड़े होने के कारण रातों-रात नदी की जमीन पर जेसीबी मशीन से भराव करराकर और अवैध निर्माण कार्य करा रहे हैं। इस संदर्भ में एसडीएम हसनपुर से शिकायत की तो उन्होंने उक्त जमीन को दबंगों की जमीन बताकर पल्ला झाड़ लिया।
इतना ही नहीं स्थानीय पुलिस, पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी को फोनकर शिकायत की। लोगों का कहना है कि यदि आरोपियों की थी तो उस पर पुल ही क्यों बनने दिया। बेशकीमती जमीन होने के कारण अवैध निर्माण कर नदी को बंद किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सात दिन में कब्जे नहीं हटाए जाने पर हसनपुर-गवां मार्ग जाम करने की चेतावनी दी। सोरन सिंह, नरेश कुमार, संतोष कुमार, राजेंद्र, डालचंद्र, सतीश, कपिल त्यागी, लेखराम, संजय, प्रदीप, हरि सिंह आदि रहे।