अमरोहा/मंडी धनौरा। नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम किया। भाकियू असली ने रजबपुुर, भाकियू अराजनैतिक और भाकियू भानू के कार्यकर्ताओं ने जोया टोल प्लाजा के पास हाईवे जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार पर उद्योगपतियों से मिलकर किसानों को बर्बाद करने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि सरकार की यह मनमानी बर्दाश्त नहीं करेंगे। सरकार गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित नहीं कर रही है। वहीं, चीनी मिलों ने गन्ने का बकाया भुगतान नहीं किया है। इससे देश का अन्नादाता भुखमरी की कगार पर खड़ा है। सरकार तीनों नए कृषि कानूनों को निरस्त कर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप एमएसपी की गारंटी वाला कानून बनाए।
किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया था। कांग्रेस, एनसीपी, सपा सहित 18 विपक्षी दलों ने किसानों को समर्थन दिया। अमरोहा में जोया टोल प्लाजा के पास दिल्ली से मुरादाबाद जाने वाली-टू लाइन पर भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह के नेतृत्व में जाम लगाया। वहीं, भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश महासचिव महावीर सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुरादाबाद से दिल्ली को जाने वाली-टू लाइन पर वाहनों के चक्के जाम किए। इसके अलावा भाकियू असली के नेताओं ने जिलाध्यक्ष महावीर सिंह के नेतृत्व में रजबपुर में हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन स्थल पर जा रहे भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी विजय पाल सिंह के रोकने पर किसानों का गुस्सा भड़क गया। पुलिस से जमकर नोकझोंक और हंगामा हुआ। करीब पैंतालीस मिनट तक किसान गजरौला थाने के सामने रोड जाम कर धरने पर बैठ गए। किसानों के आक्रोश देखकर पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। इसके बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयपाल और अन्य किसानों को चक्का जाम स्थल तक जाने की अनुमति दी गई। करीब सवा दो घंटे तक हाईवे पर किसानों का कब्जा रहा। वहीं, प्रशासन ने भी किसानों को रोकने के लिए पूरी तैयारी की थी। पीएसी भी तैनात की गई थी। टोल प्लाजा पर दिल्ली की दिशा में करीब सौ मीटर दूर बैरियर लगाकर किसानों को रोक दिया गया था। उधर, मंडी धनौरा में बार एसोसिएशन व राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ता भी भाकियू के जाम में शामिल हुए। दोपहर तीन बजे भाकियू कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खोल दिया। इस मौके पर डूंगर सिंह, नरेश कुमार, कैलाश त्यागी, कपिल प्रधान, रालोद नेता कपिल चंद्रा, जितेंद्र प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, कलुवा खां, रामवीर सिंह, तिलकराज चौहान, आलोक भारती, मूलचंद त्यागी आदि मौजूद थे। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के समझाने पर किसानों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर जाम खोल दिया, जिसके बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।
अंतिम यात्रा के वाहनों को जाने दिया गया
मंडी धनौरा। भारत बंद के दौरान सड़क जाम कर रहे किसानों ने अंतिम यात्रा वाहनों को नहीं रोका गया। अंतिम यात्रा वाहन को देखते हुए जाम लगाए बैठे किसानों ने रास्ता दिया। भाकियू असली के मंडलाध्यक्ष डूंगर सिंह ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए थे कि एंबुलेंस, स्कूली वाहन व शव लेकर जाने वाले किसी भी वाहन को न रोका जाए। तीन घंटे के जाम के दौरान पांच अंतिम यात्रा वाहनों को किसानों ने जाने दिया।
किसानों ने सपा के समर्थन को बताया फर्जी
रजबपुर। हाईवे पर भाकियू अराजनैतिक के चक्का जाम के दौरान सपा और रालोद के पदाधिकारियों मौजूद रहे। सपा के जितंबर सिंह यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधन करते हुए सपा के पूर्ण समर्थन की बात कही, तभी एक किसान ने माइक पकड़ा और सपा के समर्थन को फर्जी बताया।