यूपीसीडा के प्रबंधक गोपाल प्रसाद ने बीते रविवार को निर्माण खंड-4 अलीगढ़ के तत्कालीन अधिशासी अभियंता अजीत सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक तेजवीर सिंह और अधिशासी अभियंता दीपचंद के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके मुताबिक यूपीसीडा के तीनों अधिकारियों ने नाईपुरा खादर की 1756 एकड़ व फाजिलपुर गौसाईं गांव की 151.32 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। तीनों ने किसानों को उस समय मुआवजे के रूप में करीब 30 करोड़ रुपये का वितरण कर दिया। मगर, अधिगृहीत की गई जमीन का बैनामा नहीं कराया। मामले की पोल यूपीसीडा के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच में खुली।
इसके बाद तीनों के खिलाफ थाना गजरौला में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उधर औने-पौने दाम मुआवजा लेने से इन्कार करने वाले कई किसान हाईकोर्ट चले गए। सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की लड़ाई-लड़ते लड़ते कई किसान दुनिया से चले गए। उधर, तीनों अफसरों के किए नए कारनामे सामने आ रहे हैं।
- तीनों सेवानिवृत्त अफसरों ने जमकर खेल किया है। विभागीय जांच में उनके खेल सामने आ रहे हैं। जानकारी मिली है कि उन्होंने नाईपुरा व फाजलपुर गौसाईं के किसानों से जमीन अधिग्रहण करने में करोड़ों रुपये का गबन किया है। किसानों को वाजिब मुआवजा देकर बैनामा करा लेते तो यह समस्या खड़ी न होती। इसलिए तीनों से गबन की गई धनराशि की वसूली की जाएगी। यह ब्योरा एकत्र किया जा रहा है कि तीनों ने गबन करने में क्या रास्ता अपनाया। - राजीव कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक, यूपीसीडा बरेली