रजबपुर (अमरोहा)। हाईवे स्थित कैंटीन संचालक और उनके दो बेटों के साथ पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के साढ़े महीने बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट की पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। इस मामले में एसपी ने कांस्टेबल राहुल भाटी व विजय को निलंबित कर दिया था जबकि एसएसआई आकाश कुमार, सिपाही राहुल राणा और दीपक तोमर को लाइन हाजिर कर दिया था।
आठ अगस्त की रात शकरपुर समसपुर गांव निवासी शम्शुद्दीन और उनके बेटे शाकिब व शहादत कैंटीन पर थे। रात करीब 11 बजे एक कार दुकान पर आकर रुकी जिसमें से चार लोग उतरे। आरोप है कि सभी नशे में थे और खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे और महीना मांग रहे थे। इस बीच शम्शुद्दीन व पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद चारों ने मारपीट शुरू कर दी।
शम्शुद्दीन के मुताबिक उनके बेटे शाकिब को चारों ने पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई की। इस बीच दूसरे बेटे शहादत ने वीडियो बनाना शुरू किया तो उसे भी दौड़ाकर पीटा। करीब 15 मिनट तक सिपाही दुकान पर हंगामा करते रहे। किसी तरह शहादत ने मारपीट और गाली-गलौज की वीडियो बना लिया। भीड़ जमा होने पर चारों पुलिसकर्मी तीनों पिता-पुत्र को थाने ले गए थे।
सूचना पर आक्रोशित ग्रामीण थाने पहुंचे और हंगामा किया तो पुलिसकर्मियों ने तीनों को छोड़ दिया था। कैंटीन संचालक के बेटों से मारपीट का वीडियो वायरल भी हुआ था। शम्शुद्दीन ने मामले की शिकायत एसपी अमित कुमार आनंद से की थी। वहीं, सदर विधायक महबूब अली ने पुलिसकर्मियों के रवैये पर नाराजगी जताई थी।
- एसपी ने दो सिपाही निलंबित व दरोगा समेत तीन किए थे लाइन हाजिर
एसपी ने मारपीट करने के मामले में कांस्टेबल राहुल भाटी और विजय को निलंबित कर दिया था जबकि एसएसआई आकाश कुमार, सिपाही राहुल राणा और दीपक तोमर को लाइन हाजिर कर दिया था। उधर, शम्शुद्दीन के बेटे साकिब ने कोर्ट की शरण ली। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सीओ सिटी से मामले की जांच रिपोर्ट तलब की थी जिसके आधार पर कोर्ट ने एसएसआई आकाश कुमार, कांस्टेबल राहुल राणा, राहुल भाटी, विजय और दीपक तोमर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की आदेश दिए। सीओ सिटी अभिषेक यादव ने बताया कि मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पांचों पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।