गजराैला (अमरोहा)। प्रधानाध्यापक संजीव कुमार को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फंसे शिक्षक दंपती को प्रदेशभर में चल रही वकीलों की हड़ताल की वजह से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने 11 फरवरी तक गिरफ्तारी पर लगाई रोक आगे बढ़ा दी गई है। पुलिस भी अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी है।
सुल्तानठेर के संविलियन विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने एक अक्तूबर की सुबह स्कूल के कमरे में फंदे लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए बीएसए डॉ. मोनिका, स्कूल के सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह और उनकी शिक्षक पत्नी सरिता सिंह को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने मृतक के बेटे अनुज कुमार की तहरीर पर बीएसए व शिक्षक दंपती के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इसके बाद शिक्षक दंपती की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई दिन तक दबिश दी, लेकिन इस बीच पुलिस को चकमा देकर शिक्षक दंपती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था।
हाईकोर्ट में न्यायाधीश अरविंद सिंह सांगवान व मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीशी की खंडपीठ ने 11 फरवरी तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। प्रदेश भर में वकीलों की हड़ताल के कारण इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रधानाध्यापक को आत्महत्या के लिए उकसाने में फंसे शिक्षक दंपती और बीएसए के खिलाफ केस की सुनवाई नहीं हो सकी। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि विवेचना चल रही है। अगली सुनवाई तक इस केस में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसलिए चार्जशीट दाखिल नहीं की गई। संवाद