जाम कर नारेबाजी करते उग्र लोगों को समझाती पुलिस।
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ढाबा संचालक की शुक्रवार की रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों ने बिजली कर्मचारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर शनिवार को अमरोहा जोया रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजन बिजली कर्मचारियों पर कार्रवाई और आर्थिक मदद की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। करीब तीन घंटे सड़क तक की स्थिति बनी रही।
जाम खुलवाने को पहुंची पुलिस की गुस्साए परिजनों से तीखी नोकझोंक हुई। सीओ और भाजपा नेताओं के आश्वासन पर उग्र भीड़ शांत हुई। तब जाकर जाम खुल सका। परिजनों ने बिजली कर्मचारियों के खिलाफ देहात थाने में तहरीर दे दी है।
नगर के मोहल्ला बदावला निवासी रामभरोसे (45) पुत्र रामलाल पिछले बीस सालों से ढाबा चलाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। ढाबे के पीछे ही मकान हैं। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटी और चार बेटे हैं। रोज की तरह शुक्रवार की शाम चार बजे रामभरोसे ढाबे पर ही थे। आरोप है तभी कुछ बिजली कर्मचारी ढाबे पर पहुंचे और बारह हजार बकाया बिल जमा नहीं करने पर बत्ती काटने की धमकी देने लगे। जिसपर ढाबा संचालक ने सोमवार को बैंक से पैसा निकालकर बिली जमा करने को कहा। आरोप है कि बिजली कर्मचारियों ने ढाबा पर खाना खा रहे लोगों के सामने ही संचालक से अभद्रता की। साथ ही लाइन भी काट दी। पुलिस कार्रवाई करने की भी धमकी दी। इसके बाद ढाबा बंद कर वह घर चले गए। परिजनों का कहना है कि शाम को रामभरोसे के सीने में दर्द शिकायत हुई। आनन-फानन में परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया।
शनिवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे परिजनों ने अमरोहा-जोया रोड शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही ट्रैफिक, देहात और शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुुंच गई। उग्र भीड़ को काफी समझाने का प्रयास किया। लेकिन परिजन बिजली कर्मचारियों पर कार्रवाई और आर्थिक सहायता दिलाने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि करीब तीन घंटे बाद पहुंचे सीओ जितेंद्र कुमार और एसडीएम हसनपुर यशवर्धन श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय भाजपा नेताओं की मदद से उग्र भीड़ को समझा-बुझाकर शांत किया और तहरीर के आधार पर कार्रवाई कराने के साथ आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया।