गजरौला (अमरोहा) पुलिस ने सुल्तानठेर के संविलियन विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में दोबारा विवेचना शुरू कर दी है। प्रधानाध्यापक ने बीएसए डॉ. मोनिका और स्कूल के शिक्षक दंपती के उत्पीड़न से तंग आकर स्कूल में ही एक अक्तूबर 2024 को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
सुल्तानठेर के संविलियन विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने एक अक्तूबर की सुबह स्कूल के कमरे में फंदा लगा लिया था। उन्होंने 18 पेज के अपने सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए बीएसए डॉ. मोनिका, स्कूल के सहायक अध्यापक राघवेंद्र सिंह व उनकी शिक्षक पत्नी सरिता सिंह को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने मृतक संजीव कुमार के बेटे अनुज कुमार की तहरीर पर बीएसए व शिक्षक दंपती के खिलाफ प्रधानाध्यापक को खुदकुशी के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की।
मामले की विवेचना कर रहे एसएसआई ब्रजेश कुमार सिंह ने नौ अक्तूबर-24 को शिक्षक दंपती के गैर जमानती वारंट लिए। एसएसआई का कहना है गहनता से की गई जांच के दौरान सामने आया कि प्रधानाध्यापक को आत्महत्या के लिए उकसाने में उमेश पाल सिंह व उसका भाई राजेंद्र उर्फ भूरे व कुलवंत का भी हाथ है। आठ फरवरी 2025 को विवेचक ने पांचों के नाम आत्महत्या के लिए उकसाने में खोलते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर विवेचना समाप्त कर दी थी।
इस बीच राघवेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट पिटिशन योजित की, जिसके विचाराधीन होने के कारण हाईकोर्ट ने क्रिमिनल रिट पिटिशन को रोकते हुए एसएसआई को दोबारा विवेचना के आदेश दिए। एसएसआई का कहना है कि विवेचना चल रही है।
अधिवक्ता की शिकायत पर की गई दोबारा जांच
गजरौला। आरटीआई एसोसिएशन ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष अधिवक्ता मनु शर्मा का कहना है कि दोबारा विवेचना के लिए उन्होंने एसपी से शिकायत की थी। साथ ही मांग रखी थी कि उनको पुलिस की कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा डीएम द्वारा गठित टीम की जानकारी से भी अवगत कराने की मांग की थी। जिस पर दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।