अमरोहा। जिले की सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं। कहीं गड्ढे है तो कहीं सड़क टूटी पड़ी हैं। सावन माह में कांवड़ियों की सहूलियत को देखते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग ने कांवड़ यात्रा से पहले 160 किमी लंबी सड़कों को दुरुस्त करने का फैसला किया है।
सड़कों में बने गड्ढे को समतल कराया जाएगा, जिससे कांवड़ियों का सफर आसान हो सके। हालांकि, हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। यह स्थिति शहर से लेकर गांव तक की सड़कों की है। कागजों में गड्ढा मुक्त जनपद की सड़कों की हकीकत बिल्कुल उलट है। जलभराव के बीच गुजरते वाहनों के दबाव से सड़कों में गहरे गड्ढे बन गए हैं।
लगातार शासन सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के निर्देश देता रहा है। आने वाले दिनों में बरसात शुरू होने वाली है। ऐसे में सड़कों पर चलना और भी जोखिम भरा रहेगा। बारिश का पानी भर जाने से सड़कों के गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं। अनजान व्यक्ति रात के अंधेरे में इन गड्ढों वाली सड़कों से गुजर जाए, तो बिना चोट खाए रह ही नहीं सकता। कई बार चार पहिया वाहन भी गड्ढों में फंस जाते हैं, जबकि बाइक सवार अक्सर गिरकर चोटिल होते रहते हैं।
पीडब्ल्यूडी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व क्षेत्र पंचायत के अलावा नगर पालिका व नगर पंचायतों को सड़कों के गड्ढे भरना है। बावजूद इसके अधिकारी उदासीन हैं। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के मुख्यमंत्री के आदेश सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गए हैं। हसनपुर से रहरा को जोड़ने वाले मार्ग पर गांव रूस्तमपुर में गड्ढे ही गड्ढे हैं। इसके अलावा गांव गांगटकोला से कुटी स्कूल बीच भी गड्ढा बन गया है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हसनपुर से झकड़ी, नंगलिया मुंशी व बालानांगल और भदौरा को जोड़ने वाला मार्ग भी जर्जर है। हसनपुर से बसेड़ा खुर्द को जोड़ने वाला मार्ग की हालत भी खस्ताहाल है, जिससे राहगीरों को दिक्कतों सामना करना पड़ रहा है। उझारी-ढबारसी मार्ग पर गांव बागड़पुर मुंजप्ता के पास सड़क पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। ढबारसी से गांव भीमा सुल्तानपुर जाने वाला मार्ग भी जर्जर है, जिस पर पानी भरा है। मंडी धनौरा क्षेत्र के गांव आजमपुर में लोक निर्माण विभाग की सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। अमरोहा-पाकबड़ा मार्ग के कैलसा चौराहा से बारसपुर को जाने वाली सड़क टूटी हुई है।
सात जुलाई से शुरू होनी है कांवड़ यात्रा
सात जुलाई से सावन कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। ऐसे में कांवड़ यात्रा की तैयारी के बीच गंगा जल लाने के दौरान कांवड़ियों को परेशानी न हो, इसके लिए कांवड़ यात्रा के रास्ते में पड़ने वाली सड़कों की हालत सुधारने की कवायद तेज कर दी गई है। इसी कवायद में कांवड़ यात्रा मार्ग में पड़ने वाली जिले की 160 किमी लंबी सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा, जिसमें अमरोहा-कैलसा-पाकबड़ा मार्ग, नहटौर-नूरपुर-अमरोहा-जोया मार्ग, बदायूं-बिल्सी-बिजनौर मार्ग, मंडी धनौरा-अमरोहा-ठाकुरद्वारा मार्ग, संभल-जोया मार्ग, चेतन चौहान मार्ग आदि शामिल हैं। सड़कों में बने गड्ढों को समतल कर कांवड़ियों के सफर की राह को आसान किया जाएगा।
कांवड़ यात्रा मार्ग में ये सड़कें होंगी दुरुस्त
मार्ग का नाम किमी
अमरोहा-कैलसा-पाकबड़ा मार्ग 21.650
नहटौर-नूरपुर-अमरोहा-जोया मार्ग 23.883
बदायूं-बिल्सी-बिजनौर मार्ग 26.500
मंडी धनौरा-अमरोहा-ठाकुरद्वारा मार्ग 28.000
संभल-जोया मार्ग 11.875
चेतन चौहान मार्ग 26.000
गजरौला बाईपास मार्ग 15.250
जोया बाईपास मार्ग 6.000
भारत कोल्ड स्टोर से वासुदेव तीर्थ स्थान तक मार्ग 1.200
एक सप्ताह में कांवड़ यात्रा मार्ग को दुरुस्त करा लिया जाएगा। इसकी तैयारी तेज कर दी गई है। - गिरीश कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
सूखे के मुकाबले बरसात के मौसम में कारगर नहीं सड़क की मरम्मत
बरसात के मौसम में सड़क की मरम्मत कारगर नहीं। हालांकि, यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे मरम्मत की गुणवत्ता, उपयोग की जाने वाली सामग्री और बारिश की तीव्रता। हालांकि, सामान्य तौर पर बरसात के मौसम में की गई सड़क की मरम्मत सूखे मौसम की तुलना में कम मजबूत होती है।
कांवड़ियों को परेशान करेगी रूस्तमपुर में मार्ग की जर्जर हालत
हसनपुर। सावन का माह शुरू होने वाला है। श्रद्धालु ब्रजघाट व हरिद्वार से जल लेकर आएंगे, लेकिन उन्हें जर्जर रास्ते से होकर गुजरना होगा। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। रहरा हसनपुर मार्ग पर कई स्थानों पर मार्ग की हालत जर्जर है, लेकिन इसमें गांव रूस्तमपुर में सबसे ज्यादा परेशानी है। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उधर, गजरौला मार्ग पर गांव सिहाली जागीर के पास मध्यगंगा नहर के द्वारा बनाई जा रही पुलिया की वजह से पचास मीटर के दायरे में आवागमन साइड से हो रहा है। जहां रास्ता जर्जर हालत है, कीचड़ है। इससे शिवभक्तों को परेशानी होगी।