अमरोहा के मोहल्ला बाजार जट निवासी कारोबारी इमरान पाशा का मोहल्ले में ही स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के पास 48 गज का प्लॉट है। इमरान को प्लॉट में दुकान का निर्माण करना था, इसलिए उन्होंने छह माह पहले दुकान का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए विनिमय क्षेत्र के कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप था कि विनियमित क्षेत्र के जेई भानु प्रताप सिंह नक्शा स्वीकृत करने के एवज में 60 हजार रुपये की डिमांड कर रहे थे। रकम नहीं दिए तो उन्होंने नक्शा स्वीकृत नहीं किया।
इस पर कारोबारी इमरान पाशा ने एंटी करप्शन मुरादाबाद ऑफिस में जेई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर 11 फरवरी को एंटी करप्शन की दो टीमें अमरोहा पहुंचीं। जेई तहसील स्थित कार्यालय में बैठे थे। जेई ने कारोबारी इमरान को 60 हजार रुपये मधुराम बैंक्वट हॉल के पास फोटो स्टेट की दुकान चलाने वाले शादाब हुसैन को देने के लिए कहा। इमरान ने शादाब को 60 हजार रुपये दे दिए तो शादाब ने जेई भानु प्रताप को हैंड फ्री फोन कॉल करके रुपये मिलने और इमरान का काम करने की बात कही।
फोन कटते ही एंटी करप्शन की एक टीम ने बिचौलिया शादाब और दूसरी टीम ने जेई भानु प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। 12 फरवरी को एंटी करप्शन की टीम ने दोनों को बरेली कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। इस मामले में एसडीएम सुधीर कुमार ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग लखनऊ को प्रकरण के अवगत कराते हुए निलंबित की संस्तुति की थी। जिसके आधार पर मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक अनिल कुमार मिश्र ने जेई भानू प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है।
रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए विनियमित क्षेत्र के जेई भानू प्रताप सिंह को मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक लखनऊ ने निलंबित कर दिया है। उनके स्थान पर बिजनौर के जेई श्याम बाबू को अमरोहा की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्याम बाबू शुक्रवार और शनिवार को अमरोहा कार्यालय में बैठेंगे। -सुधीर कुमार सिंह, एसडीएम अमरोहा सदर