अमरोहा। लैब टेक्नीशियन के पदों नौकरी लगवाने के एवज में चार लाख रुपये की सौदेबाजी का ऑडियो वायरल होते ही भर्ती प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार की बू आ रही है। डीएम ने प्रकरण की जांच डिप्टी कलेक्टर को सौंपी है। जबकि सीएमओ तीन एसीएमओ की टीम गठित कर जांच करा रहे हैं। चर्चा है कि भर्ती प्रक्रिया रद्द हो सकती है। हालांकि यह निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। बड़ा सवाल ये है कि साक्षात्कार देने वाले चौदह अभ्यर्थियों में सौदेबाजी करने वाला युवक शामिल नहीं हुआ है। उसने इंटरव्यू नहीं दिया था।
मालूम रहे कि अमरोहा जिले में लैब टेक्नीशियन के लिए दो पद पर नियुक्ति होनी है। इसके लिए बुधवार को सीएमओ कार्यालय में साक्षात्कार हुआ था। डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम संजय बंसल, सीएमओ डॉ सौभाग्य प्रकाश, डीटीओ मुमताज अंसारी और पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रमोद कुमार की मौजूदगी में दोपहर बारह बजे से शाम तीन बजे तक 14 अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल हुए थे। लेकिन साक्षात्कार समाप्त होने के थोड़ी देर बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो गया। ऑडियो में टीवी विभाग में तैनात एक कर्मचारी फोन करने वाले व्यक्ति से कहता है कि अगर तुम्हारा मन हो, तो चार लाख रुपये का रेट चल रहा है। आज इंटरव्यू है, इंटरव्यू देने के लिए आ जाओ और थोड़े-बहुत पैसे लेकर आना। 4 मिनट 34 सेकेंड ऑडियो में स्वास्थ्य कर्मी सौ प्रतिशत ज्वाइनिंग की गारंटी ले रहा है।
ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम बीके त्रिपाठी ने डिप्टी कलेक्टर संजय बंसल को जांच सौंपी है। जबकि सीएमओ डॉ. सौभाग्य प्रकाश ने डॉ. राजकुमार, डॉ. गोपीलाल और डॉ. विनोद कुमार की तीन सदस्य कमेटी बनाई गई है। दोनों तरफ से जांच चल रही है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में ये तो स्पष्ट हो गया है कि सौदेबाजी करने वाला प्रेमपाल साक्षात्कार में शामिल नहीं हुआ है। उसने इंटरव्यू नहीं दिया है। इससे लगता है कि कहीं विभागीय अधिकारियों को बदनाम करने की कोई साजिश तो नहीं है। वहीं भ्रष्टाचार की बू आने के बाद भर्ती प्रक्रिया को रद्द को किया जा सकता है।
लैब टेक्नीशियन भर्ती को अभी निरस्त नहीं किया है। प्रकरण में जांच चल रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। बीके त्रिपाठी, डीएम अमरोहा
डिप्टी कलेक्टर संजय बंसल ने बताया कि ऑडियो में जिस स्वास्थ्य कर्मी की आवाज बताई जा रही है, शुक्रवार को उसका बयान दर्ज किया गया। जिसमें उसने बताया कि ऑडियो में उसकी आवाज नहीं है। साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए तीन जुलाई तक मोहलत दी गई है। इसके बाद इंटरव्यू में शामिल 14 लोगों से मोबाइल पर संपर्क किया गया। उनके द्वारा बताया गया कि रकम की मांग नहीं की गई है।