एक तरफ स्वास्थ्य विभाग जहां डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है, वहीं दूसरी और अस्पतालों में तैनात डॉक्टर मनमानी कर रहे हैं। एसडीएम के निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए ढबारसी सीएचसी प्रभारी डॉ. सौरभ के निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेज दिया है। जबकि, पीएचसी पर तैनात संविदा डॉ. इफरा की सेवा समाप्त हो सकती है।
पिछले दिनों डीएम को शिकायत मिली थी कि अमरोहा के पीएचसी केंद्र छेबड़ा पर तैनात डॉ. इफरा मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजती हैं व प्रोटीन के डिब्बे बेचती हैं। डीएम ने उनकी गोपनीय जांच कराई थीं। एक कर्मी को मरीज बनाकर डॉ. इफरा के पास भेजा था, जिससे डॉ. इफरा ने अल्ट्रासाउंड के सौ रुपये जमा कराए थे। वहीं एक प्रोटीन और सीरप के 500 रुपये भी लिए थे।
डॉक्टर ने डमी मरीज को अल्ट्रासाउंड के लिए आधार कार्ड व ओपीडी की पर्ची लेकर एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर दो बजे के बाद पहुंचने के लिए कहा था। इसके अलावा एसडीएम के निरीक्षण में ढबारसी के सीएचसी प्रभारी डॉ. सौरभ अनपुस्थित पाए गए थे।
सामने आया था कि डॉ. अधिकांश अनुपस्थित रहते हैं और डेंटल सर्जन डॉ. दीपशिखा ही मरीजों देखती हैं। एक्स-रे टैक्निशियन नन्हे सिंह तीन दिन से टीबीएचयू वीरपाल सिंह बिना किसी सक्षम स्तर के अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित मिले थे। डीएम ने डॉ. सौरभ त्यागी के निलंबन व अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश सीएमओ को दिए थे।
- डॉ. सौरभ के निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेज दिया है। डॉ. इफरा की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
-डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ